लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर रविवार को ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसमें रनों की बारिश भी हुई, रिकॉर्ड भी टूटे और आखिर में जीत इंग्लैंड की झोली में गई। रोहित शर्मा के शानदार 138 रन, विराट कोहली के दमदार अर्धशतक और शुभमन गिल की बेहतरीन पारी भी भारत को हार से नहीं बचा सकी। इंग्लैंड ने 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भारत को 360/7 पर रोकते हुए 27 रन से मुकाबला जीत लिया और 2018 के बाद पहली बार भारत के खिलाफ द्विपक्षीय ODI सीरीज अपने नाम कर ली।
लॉर्ड्स में बने बड़े रिकॉर्ड
यह मुकाबला आंकड़ों के लिहाज से भी ऐतिहासिक बन गया। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 747 रन बनाए, जो लॉर्ड्स में खेले गए किसी भी ODI मैच में दोनों टीमों द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड है। इससे पहले लॉर्ड्स में सबसे ज्यादा कुल रन का रिकॉर्ड 655 रन था, जो इंग्लैंड बनाम साउथ अफ्रीका मैच में पिछले साल बना था। वहीं, इंग्लैंड में खेले गए ODI मैचों में यह दूसरा सबसे बड़ा कुल स्कोर रहा। इस सूची में शीर्ष पर 2015 में द ओवल पर न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच बना 763 रन का रिकॉर्ड है। भारत का 360/7 भी रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। यह इंग्लैंड की धरती पर भारत का दूसरा सबसे बड़ा ODI स्कोर है। इससे पहले 1999 में टॉनटन में श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 373/6 रन बनाए थे।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत शानदार रही। जैकब बेथेल और बेन डकेट ने पहले विकेट के लिए मजबूत नींव रखी। बेथेल ने 91 रन बनाए, जबकि डकेट ने 141 रन की बेहतरीन पारी खेली। इसके बाद जो रूट ने सिर्फ 48 गेंदों में नाबाद 74 रन और कप्तान जोस बटलर ने 13 गेंदों में नाबाद 41 रन ठोककर भारत के गेंदबाजों पर आखिरी ओवरों में जमकर हमला बोला। इंग्लैंड ने निर्धारित 50 ओवर में 387 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
भारतीय गेंदबाजों ने जमकर लुटाए रन
भारतीय गेंदबाज इस मुकाबले में प्रभाव नहीं छोड़ सके। प्रसिद्ध कृष्णा ने सबसे ज्यादा दो विकेट लिए, जबकि प्रिंस यादव को एक सफलता मिली। बाकी गेंदबाज इंग्लिश बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे। 388 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने शानदार शुरुआत दिलाई। रोहित ने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए 110 गेंदों में 138 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि गिल ने 84 गेंदों में 77 रन बनाए। विराट कोहली ने भी 60 गेंदों पर 74 रन बनाकर जीत की उम्मीदें जगा दीं। हालांकि भारत की हार की सबसे बड़ी वजह मिडिल ऑर्डर की नाकामी रही। श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। ईशान किशन सिर्फ 14 रन बना सके, जबकि केएल राहुल ने 12 रन का योगदान दिया। लोअर ऑर्डर में गुरनूर बरार 18 रन बनाकर नाबाद रहे, लेकिन भारत 50 ओवर में 360/7 तक ही पहुंच सका।
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