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Dosa Batter: सुबह के नाश्ते में डोसा किसे पसंद नहीं होता? काम के दबाव में हम अक्सर हफ्ते भर का डोसा बैटर एक साथ पीसकर फ्रिज में रख देते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि इस तरह बैटर को लंबे समय तक स्टोर करना सेहत के लिए कितना खतरनाक हो सकता है?
बैटर का फर्मेंटेशन प्रक्रिया भले ही प्राकृतिक हो, लेकिन अगर यह हद से ज्यादा हो जाए तो पेट खराब हो सकता है. ताजे बैटर और पुराने बैटर के स्वाद में बड़ा फर्क होता है और यह विषाक्त भी हो सकता है.
आमतौर पर डोसा बैटर को पीसने के बाद फ्रिज में सही तापमान पर रखने से 3 से 4 दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है. बेंगलुरु जैसे मौसम में बैटर जल्दी खट्टा हो जाता है, इसलिए इसे ज्यादा दिनों तक रखना सही नहीं है. हफ्ते से ज्यादा समय तक रखे बैटर में बैक्टीरिया की संख्या बहुत बढ़ जाती है, जिससे खाने की गुणवत्ता पूरी तरह खराब हो जाती है.
डोसा बैटर पीसने के 5 दिन बाद उसमें ‘लैक्टिक एसिड’ की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है. अगर बैटर के ऊपर काला या ग्रे रंग का लेयर दिखे या उसमें से खराब गंध आने लगे, तो समझिए वह बैटर विषाक्त हो चुका है. ऐसे बैटर का इस्तेमाल करने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है.
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पुराने बैटर से बने डोसा खाने पर तुरंत उल्टी, दस्त और पेट दर्द हो सकता है. इसमें मौजूद ज्यादा एसिडिटी पाचन तंत्र पर बुरा असर डालती है. कुछ लोगों को इससे गैस्ट्रिक की समस्या और सीने में दर्द भी हो सकता है. बच्चों और बुजुर्गों में यह डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है और अस्पताल तक पहुंचा सकता है.
फ्रिज में रखने के बावजूद बैटर में हवा के संपर्क से फंगस या शिलेंद्र बढ़ने की संभावना रहती है. ये सूक्ष्म जीव आंखों से नहीं दिखते, लेकिन पेट में पहुंचकर लिवर और आंतों की सेहत को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाते हैं. खट्टे बैटर में यीस्ट की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे आंतों की अंदरूनी परत को नुकसान होता है.
डोसा बैटर को सिर्फ 8 से 12 घंटे फर्मेंट करना काफी है, तब उसमें प्रोबायोटिक गुण होते हैं. लेकिन वही बैटर कई दिनों तक पड़ा रहे तो उसमें मौजूद पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. ताजे बैटर से बने डोसा खाने से जो ताजगी और ऊर्जा मिलती है, वह पुराने बैटर के डोसा में नहीं होती.
अधिकतर लोग बैटर को प्लास्टिक के डिब्बे में रखते हैं, जो और भी खतरनाक है. प्लास्टिक में मौजूद केमिकल्स खट्टे बैटर के साथ मिलकर विषाक्त तत्व छोड़ सकते हैं. हमेशा स्टील या कांच के बर्तन में बैटर रखें. हर बार इस्तेमाल करते समय नया चम्मच ही लें, नहीं तो बैटर जल्दी खराब हो जाएगा.
काम आसान करने के लिए हफ्ते भर का बैटर रखने के बजाय हर दो दिन में ताजा बैटर पीसना बेहतर है. आपका खाना ही आपकी दवा होना चाहिए, न कि जहर. बैटर थोड़ा खट्टा हो जाए तो उसमें सोडा डालकर खाने की आदत है तो आज ही छोड़ दें, यह गैस्ट्रिक की समस्या को और बढ़ा देता है.
डोसा बैटर पीसने के 3 दिन बाद उसे फेंक देना ही समझदारी है. पैसे बचाने के चक्कर में पुराना बैटर खाकर अस्पताल में हजारों रुपये खर्च न करें. सेहत ही सबसे बड़ी दौलत है, यह डोसा बैटर के मामले में भी लागू होता है. आज ही अपना फ्रिज चेक करें, अगर पुराना बैटर है तो बाहर फेंक दें और ताजा खाना खाकर स्वस्थ रहें.