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South Indian Food Stall Business: अगर आप कम निवेश में अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो साउथ इंडियन फूड स्टॉल एक अच्छा विकल्प हो सकता है. डोसा, इडली और वड़ा जैसे व्यंजनों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच इस बिजनेस की मांग लगातार बढ़ रही है. बोकारो के एक फूड स्टॉल संचालक के अनुसार, करीब 50 हजार रुपये की शुरुआती पूंजी से यह कारोबार शुरू किया जा सकता है. यदि स्वाद, साफ-सफाई और गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए तो बिक्री बढ़ने के साथ अच्छी आय अर्जित की जा सकती है. हालांकि, वास्तविक कमाई स्थान, ग्राहकों की संख्या, लागत और संचालन पर निर्भर करेगी.
आज के समय में साउथ इंडियन व्यंजनों की लोकप्रियता पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है. डोसा, इडली और वड़ा जैसी डिशेज अब लगभग हर शहर में पसंद की जा रही हैं. ऐसे में अगर आप कम निवेश में अपना व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे हैं, तो युवाओं के लिए साउथ इंडियन फूड स्टॉल एक बेहतर विकल्प बन सकता है.
बोकारो में पिछले पांच वर्षों से बजरंगी साउथ इंडियन स्टॉल का संचालन कर रहे बजरंगी ने बताया कि सही योजना और मेहनत के साथ इस व्यवसाय को करीब 50 हजार रुपये की पूंजी में शुरू किया जा सकता है.
संचालक बजरंगी के अनुसार, शुरुआती निवेश में छोटे शहर में लगभग 5 हजार रुपये दुकान का किराया या करीब 10 हजार रुपये में एक छोटी फूड गाड़ी, 10 हजार रुपये में किचन सेटअप, 10 हजार रुपये में तवा, चूल्हा और दूसरे जरूरी उपकरण, 5 हजार रुपये का शुरुआती रॉ मटेरियल, 5 हजार रुपये इंटीरियर या करीब 3 हजार रुपये में मिक्सर जैसी जरूरी चीजों की जरूरत पड़ती है.
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बजरंगी आगे बताते हैं कि शुरुआत में हर दिन करीब 2,000 से 2,500 रुपये तक का रॉ मटेरियल पर खर्च आता है, जिसमें ताजा सब्जियां, डोसा बैटर, मसाले, तेल, प्लेट और दूसरी जरूरी सामग्री शामिल हैं. आमतौर पर डोसा 50 रुपये, इडली 10 रुपये प्रति पीस और वड़ा 15 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बेचा जाता है.
अगर हर दिन लगभग 50 प्लेट डोसा, 100 इडली और 100 वड़ा की बिक्री होती है, तो शुरुआती दौर में ही रोज 1,000 से 1,800 रुपये तक का मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है और हर महीने 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की कमाई की जा सकती है.
वहीं बजरंगी के अनुसार, इस व्यवसाय में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र साफ-सफाई, ताजी सब्जियों का उपयोग और स्वाद की गुणवत्ता बनाए रखना है. ग्राहक हमेशा स्वच्छ और स्वादिष्ट भोजन को प्राथमिकता देते हैं, इसलिए गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करना चाहिए. इसके अलावा ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के साथ जुड़कर बिक्री बढ़ाई जा सकती है और हर महीने अच्छी कमाई की जा सकती है.
तो अगर आपके हाथ में स्वाद है, साउथ इंडियन फूड की जानकारी और कुकिंग का शौक रखते हैं तो थोड़ी सी ट्रेनिंग से इसे पेशे में बदल सकते हैं. खाने-पीने का काम शुरू करने की इच्छा रखने वालों के लिए यह एक बढ़िया ऑप्शन है. या आप कारीगर तलाश लें और केवल इनवेस्टमेंट और देखरेख भी कर सकते हैं. ऐसे में कारीगर को तय सैलरी देनी होती है बाकी काम आप संभाल सकते हैं.