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Gujarati Snacks: शाम के करीब आते ही अक्सर कुछ हल्का, चटपटा और जल्दी बनने वाला खाने का मन करता है. ऐसे समय में गुजराती स्नैक्स बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आते हैं. गुजरात सिर्फ ढोकला तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की रसोई में ऐसे कई फरसान मिलते हैं जो स्वाद के साथ पेट भी भर देते हैं. कच्छी डबेली की मसालेदार खुशबू, फाफड़े की करारी कुरकुराहट, खांडवी की मुलायम परतें और मेथी थेपला का घरेलू स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. खास बात यह है कि इनमें से कई स्नैक्स घर पर आसानी से बनाए जा सकते हैं और चाय के साथ इनका मजा दोगुना हो जाता है, अगर आप रोज के बिस्किट या नमकीन से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो गुजराती स्नैक्स की यह सूची आपकी शाम को स्वादिष्ट बना सकती है.
कच्छी डबेली: सड़क वाला स्वाद अब घर में कच्छ की मशहूर डबेली आज लगभग हर शहर में मिल जाती है. इसमें नरम पाव के बीच मसालेदार आलू, मीठी और तीखी चटनी, भुनी मूंगफली और अनार के दाने भरे जाते हैं. यही मिश्रण इसे बाकी बर्गर जैसे स्नैक्स से अलग बनाता है. घर में डबेली बनाते समय तैयार डबेली मसाला इस्तेमाल कर सकते हैं. कई परिवार रविवार की शाम इसे बनाकर बच्चों को सरप्राइज देते हैं क्योंकि यह दिखने में आकर्षक और खाने में भरपूर होता है.
खांडवी: पतली परतों में लिपटा स्वाद खांडवी देखने में जितनी खूबसूरत लगती है, खाने में उतनी ही मुलायम होती है. बेसन और दही के मिश्रण को पकाकर पतली परत में फैलाया जाता है और फिर रोल किया जाता है. ऊपर से नारियल और तड़का डालने पर इसका स्वाद और निखर जाता है. गुजरात में शाम की चाय के साथ खांडवी काफी पसंद की जाती है. हल्का होने की वजह से यह उन लोगों के लिए भी अच्छा विकल्प है जो ज्यादा भारी नाश्ता नहीं करना चाहते.
मेथी थेपला: सफर और शाम दोनों का साथी मेथी थेपला सिर्फ स्नैक नहीं, बल्कि कई घरों की रोजमर्रा की पसंद है. गेहूं के आटे में मेथी, मसाले और थोड़ा दही मिलाकर इसे तैयार किया जाता है. यह लंबे समय तक नरम रहता है, इसलिए यात्रा में भी साथ ले जाया जाता है. अचार, दही या लहसुन की चटनी के साथ इसका स्वाद और बढ़ जाता है. कामकाजी लोग अक्सर इसे पहले से बनाकर रखते हैं ताकि शाम को जल्दी नाश्ता तैयार हो सके.
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ढोकला: हल्का, स्टीम्ड और हेल्दी अगर आप तली हुई चीजों से बचना चाहते हैं तो ढोकला सबसे आसान विकल्प है. बेसन और दही से तैयार यह स्नैक स्टीम होने की वजह से हल्का माना जाता है. ऊपर से राई, करी पत्ता और हरी मिर्च का तड़का इसका स्वाद बढ़ा देता है. ऑफिस से लौटने के बाद जल्दी कुछ बनाना हो तो इंस्टेंट ढोकला भी तैयार किया जा सकता है. इसे हरी चटनी के साथ परोसने पर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक आसानी से खा लेते हैं.
फाफड़ा: चाय के साथ करारी जोड़ी फाफड़ा का नाम आते ही कई लोगों को गरम चाय और साथ में तली हुई हरी मिर्च याद आ जाती है. बेसन से बनने वाला यह करारा स्नैक खासतौर पर त्योहारों और छुट्टी के दिनों में खूब खाया जाता है. गुजरात में कई जगह सुबह फाफड़ा-जलेबी की जोड़ी मशहूर है, लेकिन शाम की चाय के साथ भी इसका अलग मजा है. थोड़ी सी चटनी मिल जाए तो स्वाद और बढ़ जाता है.
शाम के नाश्ते में क्यों बढ़ रही है गुजराती स्नैक्स की पसंद? आजकल लोग ऐसे स्नैक्स चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ बहुत जटिल भी न हों. गुजराती फरसान की खासियत यही है कि इनमें स्टीम्ड, हल्के और मसालेदार सभी तरह के विकल्प मिल जाते हैं. ढोकला और खांडवी जैसे स्नैक्स हेल्दी माने जाते हैं, जबकि डबेली और फाफड़ा स्वाद के शौकीनों की पसंद हैं.