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Sonthaura Recipe: सोंठाउरा को घर पर बनाना बेहद आसान है. ये स्पेशल लड्डू तैयार करने में 15 मिनट लगते हैं, जिसमें पांच मिनट मेवा काटने और तैयारी करने में लगते हैं जबकि बाकी के 10 मिनट मेवों को भूनकर गुड़ की चाशनी के साथ लड्डू बनाने में लगते हैं.

सतना. आज के दौर में जब लोग महंगे और विदेशी सप्लीमेंट्स के पीछे भाग रहे हैं, तब हमारे अपने बघेलखंड की माटी में एक ऐसा देसी सुपरफूड छिपा है, जिसके सामने बड़े-बड़े ब्रांड्स फेल हैं. हम बात कर रहे हैं पारंपरिक सोंठाउरा की. यह सिर्फ एक लड्डू नहीं बल्कि सेहत का वह खजाना है, जो सदियों से हमारी दादी-नानी के घरेलू नुस्खों का अहम हिस्सा रहा है. सोंठ, गुड़, महुआ और भरपूर ड्राईफ्रूट्स के मेल से बना यह व्यंजन शरीर को फौलादी ऊर्जा देने के साथ-साथ हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को भी रॉकेट की तरह बढ़ाता है, जिसके चलते आज भी विंध्य क्षेत्र में सोंठाउरा पारंपरिक खानपान और घरेलू स्वास्थ्य देखभाल का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है.

बघेलखंडी संस्कृति और परंपराओं में सोंठाउरा का एक खास मुकाम है. सतना निवासी मीना द्विवेदी लोकल 18 को बताती हैं कि जब भी घर में किसी बच्चे का जन्म होता है, तो नई मां को शारीरिक कमजोरी से उबारने के लिए सबसे पहले सोंठाउरा ही खिलाया जाता है. डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में होने वाले कमर दर्द, थकान और कमजोरी को दूर करने में यह रामबाण की तरह काम करता है. इसमें मौजूद औषधीय तत्व नई माताओं को अंदरूनी मजबूती देते हैं और उनके शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत प्रदान करते हैं. इसके कारण ग्रामीण इलाकों में आज भी इसे जच्चा की सेहत सुधारने की सबसे भरोसेमंद दवा माना जाता है.

सेहत के लिए औषधि से कम नहीं लड्डू
गुड़ और मेवों से तैयार यह लड्डू आयरन का सबसे बड़ा स्रोत है, जो शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया को तेजी से दूर करता है. इसमें पड़ने वाली सोंठ और गोंद सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म रखते हैं और जोड़ों और कमरदर्द में तुरंत राहत देते हैं. वहीं मखाना और सूखे मेवे हड्डियों को कैल्शियम और मजबूती प्रदान करते हैं. अगर आप रोज सुबह एक सोंठाउरा खा लें, तो दिनभर की थकान और कमजोरी छूमंतर हो जाती है और शरीर में तुरंत ऊर्जा का संचार होने लगता है.

सिर्फ 15 मिनट में तैयार
सोंठाउरा को घर पर बनाना बेहद आसान है और इसे तैयार करने में कुल 15 मिनट का समय लगता है, जिसमें पांच मिनट मेवे काटने और तैयारी करने में लगते हैं जबकि बाकी के 10 मिनट मेवों को भूनकर गुड़ की चाशनी के साथ लड्डू बनाने में लगते हैं. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में देसी घी गर्म करके बारीक कटे हुए काजू, बादाम, अखरोट, पिस्ता और मखानों को मध्यम आंच पर क्रिस्पी होने तक भून लिया जाता है और फिर मखानों को दरदरा कूट लेते हैं. फिर इसके बाद उसी कड़ाही में थोड़ा और देसी घी डालकर कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल और किशमिश भी हल्की भूनकर निकाल लेते हैं.

गुड़ की चाशनी और लड्डू बांधने का सही तरीका
आगे की प्रक्रिया में कड़ाही में बारीक कटा हुआ गुड़ और दो चम्मच पानी डालकर उसे मध्यम आंच पर सिर्फ पिघलने और झाग आने तक पकाया जाता है. यहां इस बात का खास ध्यान रखना पड़ता है कि इसकी कड़क चाशनी नहीं बनानी है, वरना लड्डू बहुत कड़े हो जाएंगे. इसके बाद गैस बंद करके इस गर्म गुड़ में भुने हुए सभी मेवे, मखाने, इलायची पाउडर और सर्दियों के लिए खास सोंठ पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लिया जाता है. जब यह मिक्सचर हल्का सा ठंडा और हाथों से छूने लायक हो जाता है, तब हथेलियों पर थोड़ा सा घी लगाकर मिश्रण को गोल-गोल दबाते हुए स्वादिष्ट और पौष्टिक लड्डू तैयार कर लिए जाते हैं. स्वाद और सेहत से भरपूर विंध्य का स्पेशल सोंठाउरा अब खाने के लिए बिल्कुल तैयार है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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