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Raksha Bandhan 2026: पिंकी पटेल ने कहा कि चकती बनाना पांच मिनट का काम नहीं है. इसे तैयार करने में समय और मेहनत दोनों लगती है. सबसे पहले घर पर मावा तैयार किया जाता है और फिर उससे मिठाई बनाई जाती है. इसके बावजूद हर साल रक्षाबंधन पर इसे बनाने की परंपरा चली आ रही है.
खंडवा. आज पूरे देश में धूमधाम से रक्षाबंधन पर्व मनाया जा रहा है. मध्य प्रदेश के खंडवा सहित पूरे निमाड़ में रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं है बल्कि इस त्योहार के साथ कई पारंपरिक पकवान और मिठाइयां भी जुड़ी हुई हैं. इन्हीं में से एक है निमाड़ की मशहूर चकती मिठाई. राखी आते ही कई घरों में इसकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं. खास बात यह है कि चकती बाजार से खरीदकर लाने के बजाय घर में ही तैयार की जाती है. महिलाएं मिलकर इसे बनाती हैं और फिर राखी पर आने वाले मेहमानों और परिवार के सदस्यों को बड़े प्यार से खिलाया जाता है.
निमाड़ के कई इलाकों में चकती को राखी के त्योहार की खास मिठाई माना जाता है. रक्षाबंधन आते ही घरों में इसके बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, राखी का त्योहार चकती के बिना अधूरा सा लगता है. सालभर भले ही यह मिठाई नजर न आए लेकिन राखी के समय इसकी खुशबू कई घरों की रसोई में जरूर पहुंच जाती है.
रवा, आटा, मावा और चाशनी से होती है तैयार
चकती बनाने के लिए मुख्य रूप से रवा, आटा, मावा और चाशनी का इस्तेमाल किया जाता है. सबसे पहले चाशनी तैयार की जाती है. इसके बाद इसमें मावा डाला जाता है. फिर तैयार किया हुआ रवा इसमें मिलाया जाता है. इस पूरे मिश्रण को लगातार चलाकर अच्छी तरह पकाया जाता है ताकि मिठाई का सही स्वाद और बनावट तैयार हो सके.
नारियल से आता है खास स्वाद
चकती को जमाने के लिए थाली में घी लगाया जाता है और उसके ऊपर खोपरा यानी सूखा नारियल बिछाया जाता है. इसके बाद तैयार मिश्रण को थाली में डालकर अच्छी तरह फैला दिया जाता है. ऊपर से भी नारियल डाला जाता है. ठंडा होने के बाद इसे अपनी पसंद के आकार में काटकर तैयार किया जाता है. यही वजह है कि चकती में मावे की मिठास के साथ नारियल का स्वाद भी अलग पहचान देता है.
बनाने में लगता है समय लेकिन स्वाद लाजवाब
सुरंगांव जोशी की पिंकी पटेल बताती हैं कि चकती बनाना कोई पांच मिनट का काम नहीं है. इसे तैयार करने में समय और मेहनत दोनों लगती है. सबसे पहले घर पर मावा तैयार किया जाता है और उसके बाद मिठाई बनाई जाती है. इसके बावजूद हर साल राखी पर इसे बनाने की परंपरा चली आ रही है.
मेहमानों को खासतौर पर खिलाई जाती है चकती
पिंकी पटेल के मुताबिक, चकती सिर्फ घर के सदस्यों के लिए नहीं बनती बल्कि रक्षाबंधन पर घर आने वाले मेहमानों और रिश्तेदारों को भी इसे खासतौर पर खिलाया जाता है. बहनें भाइयों को राखी बांधने के बाद मिठाई खिलाती हैं और इसी के साथ घर में त्योहार की खुशियां मनाई जाती हैं.
बाजार की मिठाई से अलग है घर की चकती
निमाड़ की चकती की सबसे खास बात यही है कि इसका रिश्ता बाजार से ज्यादा घर और परिवार की परंपरा से जुड़ा हुआ है. हर परिवार अपने तरीके से इसे तैयार करता है लेकिन रवा, आटा, मावा, चाशनी और नारियल इसका मुख्य स्वाद बनाए रखते हैं. रक्षाबंधन की खुशियों का यह देसी अंदाज आज भी बरकरार है. यही वजह है कि साल में भले ही एक बार बने लेकिन राखी आते ही चकती का स्वाद हर किसी को अपनी ओर खींच लेता है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.