श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम पूरे बृज क्षेत्र और भारत के अलग-अलग हिस्सों में छाई हुई है। मथुरा से लेकर वृंदावन और द्वारका से लेकर विदेशों में बने स्कॉन तक सभी मंदिर सज चुके हैं। कान्हा के जन्मदिन के लिए खास पकवान और मिठाइयां बनाई जाती हैं, लेकिन भोग के लिए खास पंजीरी और पंचामृत- बनाया जाता है। कन्हा को दूध दही और माखन सबसे ज्यादा पसंद है। पंचामृत में इन्हीं चीजों के साथ कुल पांच चीजों को मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को पंचामृत का भोग लगाया है और पंचामृत से स्नान भी कराया जाता है। आइये जानते हैं पंचामृत में क्या-क्या पड़ता है। पंचामृत की आसान रेसिपी क्या है।
पंचामृत में कौन सी 5 चीजें डालते हैं?
- दही
- दूध
- शहद
- गंगाजल
- घी
पंचामृत की रेसिपी
पहला स्टेप- पंचामृत बनाने के लिए मुख्य चीज दही चाहिए होती है। आप घर पर जमा ताजा दही या बाजार से दही खरीदकर इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रखें दही खट्टा नहीं होना चाहिए। अब दही को किसी मथनी से हल्का चलाकर ब्लैंड कर लें। अगर पतला पंचामृत बनाना है तो दही में अपने हिसाब से पानी डाल दें।
दूसरा स्टेप- अब पंचामृत के लिए अपनी पसंद के मेवा काट लें। वैसे तो आप कोई भी मेवा बारीक काटकर मिला सकते हैं। लेकिन चिरौंजी और भुने मखाने का स्वाद पंचामृत में बहुत अच्छा लगता है। ये दोनों चीजें पंचामृत में जरूर डालें।
तीसरा स्टेप- अब पंचामृत में चीनी को पीसकर मिलाएं। आप चाहें तो बूरा भी मिला सकते हैं। आपको इतनी चीनी मिलानी है कि दही अच्छे से मीठा हो जाए। अब बारी है इसमें पांच अमृत मिलाने की।
चौथा स्टेप- पंचामृत को पांच अमृत से तैयार किया जिसमें दही, दूध, शहद, गंगाजल और घी शामिल हैं। इन चीजों को थोड़ा-थोड़ा दही में मिक्स कर लें। अब इसमें तुलसी के पत्ते डाल दें और कटे हुए मेवा मिला दें।
पांचवां स्टेप- स्वाद बढ़ाने के लिए पंचामृत में आधा चम्मच इलायची का पाउडर भी मिक्स कर दें। इससे काफी अच्छी खुशबू आएगी। अब जब पंचामृत का भोग लगाएं या किसी को सर्व करें तो इसमें भुने हुए मखाने डालकर सर्व करें।
पंचामृत में आप पके हुए केले काटकर भी डाल सकते हैं। इस पंचामृत को आप ऐसे ही या फिर पंजीरी से साथ मिलाकर भी खा सकते हैं। कान्हा के भोग में पंचामृत और पंजीरी शामिल की जाती है। आप सिर्फ पंचामृत से भी भोग लगा सकते हैं।