भारतीय जनता पार्टी की पंजाब अनुशासन समिति ने तीन नेताओं तो शोकॉज नोटिस जारी किया है। इसमें नेताओं से पूछा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। नोटिस में कहा गया है कि इन नेताओं ने 25 अगस्त को संगरूर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी अनुशासन के विपरीत सार्वजनिक बयान दिया था। पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
भाजपा संगरूर के पूर्व अध्यक्ष रणदीप सिंह देओल , भाजपा संगरूर के पूर्व अध्यक्ष मनिंदर सिंह कपिल और भाजपा पंजाब के पूर्व प्रकोष्ठ समन्वयक जतिंदर कालरा को नोटिस सौंपे गए। अनुशासनात्मक समिति के अध्यक्ष और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री रह चुके सोम प्रकाश द्वारा 27 अगस्त, 2026 को जारी किए गए आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि नेताओं ने दो अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर आंतरिक मामलों और संगठनात्मक मुद्दों के संबंध में ऐसी टिप्पणियां कीं जो पार्टी की स्थापित विचारधारा का उल्लंघन करती हैं।
नोटिस में क्या?
नोटिस में कहा गया है कि भाजपा , पंजाब की अनुशासनात्मक समिति के संज्ञान में आया है कि आपने, दो अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ, 25 अगस्त को संगरूर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की/उसमें भाग लिया और भारतीय जनता पार्टी के आंतरिक मामलों और संगठनात्मक मुद्दों से संबंधित ऐसे बयान दिए जो पार्टी की स्थापित नीतियों और अनुशासन के विरुद्ध थे। भाजपा ने कहा , “इस आचरण से प्रथम दृष्टया भारतीय जनता पार्टी की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और संगठनात्मक छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।” समिति ने गौर किया कि इस आचरण ने प्रथम दृष्टया पार्टी की प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और संगठनात्मक छवि को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है।
सात दिन के अंदर जवाब देने को कहा
पार्टी संगठन ने तीनों नेताओं को नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का समय दिया है, जिसमें उनकी व्यक्तिगत भूमिकाओं, दिए गए विशिष्ट बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस के उद्देश्य को स्पष्ट किया गया हो। भाजपा ने कहा, “पार्टी संगठन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। आपको कारण बताओ नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा जाता है। कृपया स्पष्ट करें कि पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने और पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए। आपके स्पष्टीकरण में आपकी व्यक्तिगत भूमिका, आपके द्वारा दिए गए बयान और प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए। निर्धारित समय सीमा के भीतर उत्तर न देने पर अनुशासनात्मक समिति भारतीय जनता पार्टी के संविधान और नियमों के अनुसार उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करेगी, बिना किसी पूर्व सूचना के।”
25 अगस्त को क्या हुआ था?
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब न देने पर भारतीय जनता पार्टी के संविधान और नियमों के अनुसार तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 25 अगस्त को संगरूर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस भाजपा के हालिया संगठनात्मक फेरबदल को लेकर भीतर असंतोष के बीच हुई, जिसमें कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि अनुभवी कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब भाजपा के राज्य प्रभारी बीएल संतोष चुनाव वाले राज्य पंजाब में संगठनात्मक कामकाज का आकलन करने और जमीनी स्तर पर समन्वय और तैयारियों को मजबूत करने के लिए दो दिवसीय दौरे पर निकले हैं। (इनपुट- एएनआई)
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