Last Updated:

PM Modi favorite foods : पीएम नरेंद्र मोदी आज यानी 17 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाते हैं. उनकी सादगी और अनुशासित लाइफस्टाइल की चर्चा अक्सर होती है. आइए उनके खान-पान से जुड़ी उन खास चीजों पर नजर डालें, जिनमें मखाना, मिलेट्स और मोरिंगा पराठा जैसे देसी सुपरफूड शामिल हैं. इन देसी सुपरफूड्स की चर्चा वे सार्वजनिक जगहों पर करते रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी व्यस्त दिनचर्या और अनुशासित जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं. उनकी फिटनेस को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है और उनके खान-पान की सादगी भी लोगों का ध्यान खींचती है. हालांकि, पीएम मोदी खुद कई मौकों पर साफ कर चुके हैं कि उनकी कोई एक तय डाइट नहीं है. 2026 में ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान उन्होंने बताया था कि वे शाकाहारी भोजन लेते हैं और उपलब्धता के हिसाब से खाना खाते रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वे कभी-कभी खुद खिचड़ी बनाते थे.

उनके सार्वजनिक बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ ऐसे पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थों का जिक्र मिलता है, जिन्हें उनके खान-पान से जोड़ा जाता है. इनमें मखाना और मिलेट्स से लेकर मोरिंगा पराठा और खिचड़ी तक शामिल हैं. खास बात यह है कि ये सभी चीजें भारतीय रसोई में लंबे समय से इस्तेमाल होती रही हैं और इनमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं.

मखाना पीएम मोदी के खान-पान में सबसे स्पष्ट रूप से सामने आने वाली चीजों में से एक है. बिहार के भागलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि वे साल में कम से कम 300 दिन मखाना खाते हैं. उन्होंने इसे ‘सुपरफूड’ बताते हुए बिहार के मखाना किसानों और इसके वैश्विक बाजार की संभावनाओं की भी बात की थी. मखाने को आमतौर पर हल्का स्नैक माना जाता है. इसे भूनकर खाना काफी लोकप्रिय है. इसमें प्रोटीन और कुछ जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, हालांकि इसे भी संतुलित मात्रा में खाना ही बेहतर है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

मखाना पीएम मोदी के खान-पान में सबसे स्पष्ट रूप से सामने आने वाली चीजों में से एक है. बिहार के भागलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि वे साल में कम से कम 300 दिन मखाना खाते हैं. उन्होंने इसे ‘सुपरफूड’ बताते हुए बिहार के मखाना किसानों और इसके वैश्विक बाजार की संभावनाओं की भी बात की थी. मखाने को आमतौर पर हल्का स्नैक माना जाता है. इसे भूनकर खाना काफी लोकप्रिय है. इसमें प्रोटीन और कुछ जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, हालांकि इसे भी संतुलित मात्रा में खाना ही बेहतर है.

मोरिंगा यानी सहजन की पत्तियों का पराठा पीएम मोदी की पसंद से जुड़ा सबसे ज्यादा चर्चित व्यंजनों में से है. उन्होंने सोशल मीडिया पर भी मोरिंगा पराठे के प्रति अपनी पसंद का जिक्र किया था. सहजन की पत्तियों में फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं. यही वजह है कि इन्हें भारतीय खान-पान में पौष्टिक हरी पत्तेदार सब्जी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.

खिचड़ी शायद भारतीय घरों के सबसे सादे और आरामदायक भोजन में से एक है और पीएम मोदी भी इसका जिक्र कर चुके हैं. 2026 में उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में अलग-अलग घरों में भोजन करते हुए वे उपलब्ध शाकाहारी खाना खाते थे और कभी-कभी खुद खिचड़ी भी बनाते थे. चावल और दाल का मेल कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन उपलब्ध कराता है. इसमें सब्जियां जोड़कर इसे और पौष्टिक बनाया जा सकता है.

गुजरात से जुड़ा ढोकला भी पीएम मोदी के खान-पान की मीडिया रिपोर्ट्स में शामिल रहा है. बेसन से बनने वाला यह व्यंजन भाप में पकाया जाता है और कई लोगों के लिए तला हुआ स्नैक खाने का हल्का विकल्प हो सकता है. इसकी खासियत इसका सॉफ्ट टेक्सचर और कम तेल में तैयार होना है. हालांकि ऊपर से डाली जाने वाली चटनी, तेल या तड़के की मात्रा भी पोषण पर असर डालती है.

भाखरी दाल: भाखरी दाल गुजरात की पारंपरिक थाली का खास हिस्सा है. इसमें आमतौर पर ज्वार या बाजरे के आटे से बनी भाखरी को दाल के साथ खाया जाता है. यह स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होती है. दाल से प्रोटीन, जबकि ज्वार-बाजरे से फाइबर, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. सरल शब्दों में कहें तो यह देसी स्वाद और सेहत का अच्छा मेल है.

इंडियन एवोकाडो: 2 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया था. इसमें उन्होंने बताया कि भारतीय एवोकाडो अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. पीएम मोदी के मुताबिक, कुछ समय पहले तक इस फल के बारे में बहुत कम लोग जानते थे और इसकी मांग भी कम थी. लेकिन अब एवोकाडो लोगों की डाइनिंग टेबल पर नजर आने लगा है. खासकर हेल्थ और प्रीमियम फूड मार्केट में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.

ब्लैक राइस यानी काले चावल इन दिनों हेल्दी फूड के तौर पर काफी पसंद किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मणिपुर और ओडिशा के ब्लैक राइस उगाने वाले किसानों की सराहना कर चुके हैं. काले चावल में एंथोसायनिन नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है. यह पाचन को बेहतर रखने, ब्लड शुगर को संतुलित रखने और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है. यही वजह है कि यह स्वाद के साथ पोषण से भरपूर अनाज भी माना जाता है.(Disclaimer: इस लेख में बताए गए खाद्य पदार्थों और उनके संभावित स्वास्थ्य लाभों की जानकारी उपलब्ध स्रोतों और सामान्य पोषण संबंधी तथ्यों पर आधारित है. किसी भी खाद्य पदार्थ को किसी बीमारी का इलाज न समझें. अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले, खासकर किसी स्वास्थ्य समस्या या दवा के सेवन की स्थिति में, डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह जरूर लें.)(All Image Credit: Canva)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Write A Comment