बिहार के पूर्णिया में पुलिस ने स्मैक तस्करी के एक बड़े गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार महिला और दो पुरुष तस्कर को 2 किलो 130 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए स्मैक की अनुमानित कीमत तकरीबन चार करोड़ से अधिक बताई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक अपराधियों का एनडीपीएस एक्ट का अपराधिक इतिहास रहा है।
दरअसल पूर्णिया पुलिस को स्मैक की बड़ी खेप आने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने एसडीपीओ धमदाहा के नेतृत्व में टीम का गठन किया। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर टीकापट्टी थानाक्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग अभियान कर सभी आने-जाने वाली गाड़ियों की जांच शुरू कर दी। रात तकरीबन साढ़े 12 बजे पुलिस ने एक कार को रुकने का इशारा किया। जब कार की तलाशी ली गई तो कार में सवार चार महिला और दो पुरुष के पास से 2 किलो 130 ग्राम स्मैक बरामद की गई। इसके बाद स्मैक और कार को जप्त करते हुए सभी तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
4 करोड़ से ज्यादा का स्मैक बरामद
पूर्णिया के एएसपी आलोक रंजन ने बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर ब्राउन शुगर की बड़ी खेप के साथ तस्करों की बड़ी गैंग को गिरफ्तार किया गया है । जिसमे कुछ तस्करों का आपराधिक इतिहास भी रहा है। पुलिस के मुताबिक 6 सितंबर को सूचना मिली थी कि कुछ लोग भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर आ रहे हैं। जिसके बाद पुलिस की टीम ने गाड़ियों की चेकिंग की और 2130 ग्राम यानि करीब 2 किलो 130 ग्राम स्मैक/ब्राउन शुगर बरामद हुआ। इसके साथ साथ आरोपियों के पास से 6 मोबाइल बरामद किए गए। घटना में जिस कार का इस्तेमाल किया गया उसे भी जब्त कर लिया गया है। अभी तक 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन इसके तार और कहां से जुड़े थे इसकी जांच की जा रही है।
पश्चिम बंगाल से लाकर रूपौली पहुंचाई जा रही थी खेप
बरामद की गई स्मैक की खेप पश्चिम बंगाल से लाकर कुर्सेला-टीकापट्टी के रास्ते रूपौली पहुंचायी जा रही थी। जो मादक पदार्थ पकड़ा गया है उसका बाजार में मूल्य तकरीबन चार करोड़ का बताया जा रहा है। पकड़े गए लोगों में दो पुरुषों के नाम एक शेखर कुमार और अन्य का रूपौली में अपराधिक इतिहास भी है। सभी का एनडीपीएस एक्ट का ही अपराधिक इतिहास रहा है। जो महिलाएं पकड़ी गई हैं उनके बारे में कहा बताया जा रहा है कि वो लोगों के साथ जाती थीं और अपने साथ सामान लेकर आती थीं। महिला होने की वजह से रास्ते में किसी को शक न हो इसलिए चेकिंग की वजह से इन्हें शामिल किया जाता था।
जेपी मिश्रा- पूर्णिया