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Kulti dal Recipe: दाल कई तरह के होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं पहाड़ी इलाकों में कुल्थी दाल ज्यादा खाया जाता है. ये दाल वहां की पारंपारिक थाली का हिस्सा भी है. सबसे खास बात ये है कि ये दाल सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि कई सेहतमंद गुणों से भी भरपूर होती है. यहां आप इसे बनाने का आसान तरीका जान सकते हैं.

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भारत के पहाड़ी इलाकों में कई ऐसी पारंपरिक दालें खाई जाती हैं, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं. इन्हीं में से एक है कुल्थी दाल, जिसे अंग्रेजी में हॉर्स ग्राम कहा जाता है. उत्तराखंड में यह दाल खास तौर पर पहाड़ी अंदाज में बनाई जाती है और वहां के पारंपरिक भोजन का अहम हिस्सा है. इसका स्वाद थोड़ा मिट्टी जैसा और देसी होता है, जो इसे दूसरी दालों से अलग बनाता है.

उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भी कुल्थी दाल को अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है. यह दाल प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, इसलिए सर्दियों के मौसम में इसे खास तौर पर खाने की सलाह दी जाती है. अगर आप स्वादिष्ट और पौष्टिक भारतीय भोजन पसंद करते हैं, तो उत्तराखंड की पारंपरिक कुल्थी दाल की यह रेसिपी जरूर ट्राई कर सकते हैं.

कुल्थी दाल के फायदे
कुल्थी दाल को सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाया जाता है, जो शाकाहारी लोगों के लिए अच्छा विकल्प है. इसके अलावा इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है. कुल्थी दाल में आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर को जरूरी पोषण देते हैं. यह वजन नियंत्रित रखने में भी मददगार हो सकती है और सर्दियों में शरीर को गर्माहट देने वाला भोजन मानी जाती है.

कुल्थी दाल बनाने की रेसिपी

  • इसे बनाने के लिए सबसे पहले 1 कप कुल्थी दाल को अच्छी तरह धोकर 6 से 8 घंटे या पूरी रात के लिए पानी में भिगो दें. इसके बाद पानी निकालकर दाल को ताजे पानी, हल्दी और थोड़ा नमक डालकर प्रेशर कुकर में नरम होने तक पकाएं.
  • दाल पकने के बाद उसे हल्का सा मैश कर लें, ताकि उसका टेक्सचर थोड़ा गाढ़ा हो जाए.
  • अब एक पैन में सरसों का तेल या घी गर्म करें. इसमें जीरा और एक चुटकी हींग डालें. जब जीरा चटकने लगे तो बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालें.
  • इसके बाद कटे हुए टमाटर, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर मिलाकर मसाले को अच्छी तरह पकाएं.
  • जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब इसमें पकी हुई दाल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसे 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें ताकि सभी स्वाद आपस में अच्छी तरह मिल जाएं. जरूरत के अनुसार नमक भी एडजस्ट कर सकते हैं.
  • अंत में हरे धनिये से सजाकर गर्मागर्म परोसें. इसे चावल, मंडुवे की रोटी या साधारण रोटी के साथ खाया जा सकता है. स्वाद और पोषण से भरपूर यह पहाड़ी कुल्थी दाल रोजमर्रा के भोजन को खास बना सकती है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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