Last Updated:

Banarasi Paan: सिर्फ पान नहीं… बनारसी पान, इसका स्वाद चखने के लिए लोग दुनिया भर से बनारस आते है. सिर्फ 500 साल का इतिहास इसे खास नहीं बनाता बल्कि इससे बनाने का तरीका भी अपने आप में नायाब है. चलिए यहां जानते हैं बनारसी पान से जुड़े कुछ दिलचस्प बातें, जिसके बारे में शायद आपको पता न हो.

ख़बरें फटाफट

Zoom

Banarasi Paan: दुनिया के सबसे पुराने शहरों में बनारस का नाम भी आता है. इसलिए यहां मिलने वाली हर चीज ही अपने आप में एक खास अहमियत रखती है. यहां मिलने वाला पान भी कोई मामूली नहीं है. बनारसी पान की मिठास पूरे जहां में मशहूर है. बॉलीवुड में भी बनारसी पान का महिमा मंडल खूब किया जाता रहा है. अमिताभ बच्चन पर फिल्माया वो गाना ही ले लीजिए ‘खइके पान बनारस वाला’. लेकिन बनारसी पान सिर्फ एक जायका नहीं. ये वाराणसी की समृद्ध संस्कृति, मेहमाननवाजी और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता रहा है.

500 सालों से बनारसी पान काशी की पहचान बना हुआ है. विशेषज्ञों के अनुसार, बनारसी पान का इतिहास मुगल काल तक पहुंचता है. उस समय शाही रसोइयों में पान बनाने वाले कारीगर चूना, इलायची, लौंग और कई सुगंधित सामग्री का उपयोग कर विशेष पान तैयार करते थे. समय के साथ बनारस के कारीगरों ने इन पारंपरिक विधियों को और निखारा, जिससे बनारसी पान की अलग पहचान बनी. इसकी खासियत को देखते हुए अप्रैल 2023 में बनारस पान को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग भी मिला, जो इसकी विशिष्ट पहचान को मान्यता देता है.

कैसे बनता है वर्ल्ड फेमस बनारसी पान
असली बनारसी पान की शुरुआत सही पत्तों के चयन से होती है. दिलचस्प बात यह है कि ये पत्ते वाराणसी में नहीं उगाए जाते. इसके लिए बिहार के प्रसिद्ध मगही पत्ते और ओडिशा के जगन्नाथी पत्ते इस्तेमाल किए जाते हैं. इन पत्तों की आपूर्ति वाराणसी के ऐतिहासिक पान दरिबा बाजार से होती है, जो वर्षों से पान कारोबार का प्रमुख केंद्र रहा है.

बनारसी पान को खास बनाने के लिए पत्तों को पारंपरिक ‘पकाना’ प्रक्रिया से तैयार किया जाता है. साथ ही चूने को दूध और दही के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इसका स्वाद अधिक मुलायम और संतुलित बनता है. यही वजह है कि इसका स्वाद अन्य क्षेत्रों के पान से अलग माना जाता है.

कई स्वाद में बनारसी पान का बीड़ा
बनारसी पान की कई किस्में लोकप्रिय हैं, जिनमें सादा पान, मीठा पान, मसाला पान, जर्दा पान, चॉकलेट पान और आइस पान शामिल हैं. इसकी कीमत कुछ रुपये से लेकर चांदी और सोने की वर्क वाले प्रीमियम पान तक हजारों रुपये में पहुंच सकती है.

About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

और पढ़ें



Source link

Write A Comment