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Monsoon Food: छतरपुर में बरसात के मौसम में ‘खजरी’ (खजूरी) के पेड़ों की मांग बढ़ जाती है. यहां लोग इस कांटेदार पेड़ के तने को फल के रूप में बड़े चाव से खाते हैं. इसका स्वाद कच्चे नारियल जैसा होता है. कड़ी मेहनत के बाद मिलने वाले इस तने की सब्जी भी बनाई जाती है.
Chhatarpur News: छतरपुर में इन दिनों एक खास प्राकृतिक जायके की धूम है. वैसे तो जिले में पूरे साल खजूरी के पेड़ दिखाई देते हैं, लेकिन बरसात के मौसम में इनकी मांग अचानक बढ़ जाती है. इसका कारण यह है कि मानसून के दौरान छोटे-छोटे खजूरी के पेड़ ज्यादा संख्या में उगते हैं. स्थानीय लोग इन पेड़ों के तने को एक फल के तौर पर खाना पसंद करते हैं.
कच्चे नारियल जैसा लाजवाब स्वाद
क्षेत्रीय भाषा में खजूरी के इन पेड़ों को ‘खजरी’ कहा जाता है. लोग इस पेड़ के तने के स्वाद के दीवाने हैं. ग्रामीणों के अनुसार, इसके तने का स्वाद बिल्कुल कच्चे नारियल की तरह होता है. बरसात के सीजन में यह स्वाद हर किसी को भाता है. इसे न केवल बच्चे, बल्कि युवा और बुजुर्ग भी बड़े चाव से खाते हैं.
कांटों के बीच छिपी मेहनत
खजरी का तना प्राप्त करना कोई आसान काम नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ से खाने योग्य हिस्सा निकालने में बहुत मेहनत और जोखिम लगता है. यह एक कांटेदार पेड़ होता है. इसे निकालने के लिए सबसे पहले इसके नुकीले कांटों को बहुत सावधानी से छांटना पड़ता है. कांटों की सफाई के बाद तने की बाहरी परत हटाई जाती है. इतनी मशक्कत के बाद वह सफेद और मुलायम हिस्सा मिलता है, जिसे खाया जाता है. लोग इस स्वादिष्ट तने की तलाश में कुल्हाड़ी लेकर निकल पड़ते हैं.
तने की सब्जी भी मशहूर
खजरी के इस मुलायम तने का इस्तेमाल सिर्फ फल के तौर पर ही नहीं होता. छतरपुर में इसकी सब्जी भी बनाई जाती है. तने से बनी यह सब्जी काफी स्वादिष्ट होती है. यह सब्जी खास तौर पर बरसात के मौसम में ही बनाई और खाई जाती है, क्योंकि इसी समय खजरी के नए और कोमल पेड़ उपलब्ध होते हैं.
सीजनल मांग में इजाफा
बरसात के आते ही छतरपुर के ग्रामीण इलाकों में खजरी तने की चर्चा शुरू हो जाती है. पकने पर इसके फल तो खाए ही जाते हैं, लेकिन तने को लेकर जो उत्साह रहता है, वह अद्भुत है. कांटेदार पेड़ होने के बावजूद, इसके अनोखे स्वाद के कारण लोग कड़ी मेहनत कर इसे हासिल करते हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…
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