बरसात का मौसम अपने साथ सिर्फ हरियाली और ठंडक ही नहीं लाता, बल्कि कई ऐसे देसी और पारंपरिक स्वाद भी लेकर आता है, जो साल भर में सिर्फ कुछ ही दिनों के लिए मिलते हैं. इन्हीं में से एक है करोंदा-एक ऐसा खास फल/सब्जी जो बाजार में सिर्फ 1 से 2 महीने के लिए ही नजर आता है, लेकिन अपने खट्टे-मीठे स्वाद और जबरदस्त फायदों की वजह से लोगों की पहली पसंद बना रहता है.
ग्रामीण इलाकों में करोंदे का अलग ही क्रेज देखने को मिलता है. इसे देसी तरीके से हरी मिर्च और मसालों के साथ खट्टी-मीठी सब्जी के रूप में बनाया जाता है, जिसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद लोग इसे बार-बार याद करते हैं. इसके अलावा करोंदे का अचार, चटनी और मुरब्बा भी खूब पसंद किया जाता है, जो पूरे साल तक खाने में काम आता है.
मात्र एक महीने मिलती है सब्जी
LOCAL 18 से बातचीत में डॉक्टर अनिल पटेल बताते हैं कि “करोंदा मानसून के दौरान जुलाई से अगस्त के बीच ही बाजार में आता है और करीब 30 से 45 दिनों तक ही इसकी उपलब्धता रहती है. शुरुआत में इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन जैसे-जैसे बाजार में आवक बढ़ती है, इसकी कीमत कम हो जाती है.
सब्जी व्यापारियों के मुताबिक, करोंदे की सबसे बड़ी खासियत इसका प्राकृतिक खट्टापन है. यही वजह है कि इसे कई व्यंजनों में खटाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. खासकर देसी हरी मिर्च के साथ इसकी सब्जी का स्वाद इतना यूनिक होता है कि लोग इसे “बरसात की स्पेशल डिश” मानते हैं.
करोंदा खाने के चमत्कारी फायदे
डॉक्टर अनिल पटेल के अनुसार इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, जिंक और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता है, जबकि फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में सहायक होता है.
इसके अलावा करोंदे में विटामिन-सी भी पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. आयरन की मौजूदगी खून की कमी को दूर करने में सहायक मानी जाती है, वहीं कुछ लोग इसे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी फायदेमंद मानते हैं.
खास बात यह है कि मानसून के दौरान ही करोंदे का असली स्वाद आता है, इसलिए लोग इसे मौसम की खास सौगात मानकर बड़े चाव से खाते हैं. गांवों में तो आज भी लोग इसे पारंपरिक तरीके से बनाकर परिवार और रिश्तेदारों के साथ मिलकर खाते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
करोंदा सिर्फ एक मौसमी फल नहीं, बल्कि स्वाद और सेहत का देसी खजाना है. अगर इस बरसात में आपको बाजार में करोंदा दिखे, तो इसे जरूर ट्राई करें क्योंकि ये मौका साल में सिर्फ एक बार ही मिलता है.