त्योहारों का सीजन शुरू होते ही घरों में देसी घी की मांग अचानक बढ़ जाती है. दाल में तड़का लगाना हो, गर्म रोटी पर घी लगाना हो या फिर मिठाई और पकवान बनाने हों, भारतीय रसोई में घी का खास महत्व है. लेकिन त्योहारों के समय जैसे-जैसे घी की खपत बढ़ती है, वैसे ही मिलावटी और नकली घी को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है. खंडवा सहित मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में समय-समय पर मिलावटी घी पकड़े जाने के मामले सामने आते रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो घी हम बाजार से खरीदकर घर ला रहे हैं, वह वाकई शुद्ध है या उसमें किसी तरह की मिलावट की गई है?
अगर आप भी त्योहारों पर घी खरीदने जा रहे हैं तो कुछ आसान तरीकों से इसकी शुरुआती जांच कर सकते हैं. हालांकि, ध्यान रखें कि घरेलू तरीके सिर्फ प्राथमिक संकेत देते हैं, घी की शुद्धता की पक्की पुष्टि खाद्य प्रयोगशाला में जांच के बाद ही होती है.
खंडवा के बड़े घी दूध कारोबारी ने बताए शुरुआती तरीके
खंडवा के व्यापारी और लंबे समय से दूध-घी के कारोबार से जुड़े दूध संघ के उपाध्यक्ष जैन दूध भंडार के मालिक नवनीत अग्रवाल बताते हैं कि सबसे पहले लोगों को घी हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही खरीदना चाहिए. जिस दुकानदार की वर्षों से बाजार में अच्छी पहचान हो और जिस पर ग्राहक भरोसा करते हों, वहां से घी लेना ज्यादा बेहतर है.उनके मुताबिक, घर पर घी को लेकर कुछ शुरुआती चीजें जरूर देखी जा सकती हैं.
हथेली पर डालकर देखें
नवनीत अग्रवाल बताते हैं कि थोड़ा सा घी हथेली पर लेकर हल्के हाथ से रगड़कर देखा जा सकता है. घी की बनावट और खुशबू पर ध्यान दें. गर्मी के संपर्क में घी का पिघलना सामान्य है, लेकिन सिर्फ हथेली पिघलने से घी के असली होने की पक्की पुष्टि की जा सकती है.
हल्का गर्म करके खुशबू पहचाने
घी की खुशबू भी उसकी गुणवत्ता को समझने में मदद कर सकती है. घी को बहुत ज्यादा गर्म करने के बजाय हल्की आंच पर गर्म करें. अच्छे घी में सामान्य तौर पर प्राकृतिक और पहचानने योग्य खुशबू आती है. अगर गर्म करने पर असामान्य, जली हुई या केमिकल जैसी गंध महसूस हो तो घी की गुणवत्ता पर संदेह हो सकता है.
रंग देखकर भी रहें सावधान
घी का रंग हमेशा एक जैसा नहीं होता. यह दूध, पशु के आहार और घी बनाने की प्रक्रिया के आधार पर हल्का पीला, क्रीम या सुनहरा हो सकता है. इसलिए सिर्फ ज्यादा पीला या सफेद देखकर घी को नकली नहीं कहा जा सकता. रंग के साथ उसकी खुशबू, बनावट, पैकिंग और लेबल भी देखना जरूरी है.
अच्छे घी की बनावट सामान्य तौर पर एक जैसी होती है, लेकिन तापमान के हिसाब से इसका रूप बदल सकता है. गर्म मौसम में घी पिघला हुआ और ठंडे मौसम में जमा हुआ दिखाई दे सकता है.
आयोडीन टेस्ट की जानकारी
घी में आयोडीन डालकर रंग बदलने के आधार पर मिलावट पहचानने का तरीका हर जगह पर काफी बताया जाता है लेकिन घर पर किसी रसायन का इस्तेमाल करके किए गए टेस्ट को अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता.
अगर घी की शुद्धता को लेकर गंभीर संदेह है तो घरेलू प्रयोग करने के बजाय खाद्य सुरक्षा विभाग या मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला में जांच करवाना ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका है.
हाइड्रोक्लोरिक एसिड से टेस्ट बिल्कुल न करें
कुछ जगह घी की जांच के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड यानी HCL इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. लेकिन यह एक तेजाब है और इसे घर पर इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है.
इसलिए घी की जांच के लिए घर में किसी भी तरह का तेजाब या खतरनाक रसायन इस्तेमाल न करें. ऐसी जांच प्रशिक्षित व्यक्ति या प्रयोगशाला में ही होनी चाहिए.
घी को मुंह में रखकर असली-नकली पहचानने की बात भी कही जाती है, लेकिन स्वाद के आधार पर मिलावट की पक्की पहचान करना संभव नहीं है. अलग-अलग दूध और बनाने की प्रक्रिया से घी का स्वाद बदल सकता है.
घी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारों में घी खरीदते समय कुछ छोटी-छोटी सावधानियां आपको मिलावटी उत्पाद से बचाने में मदद कर सकती हैं.
- हमेशा भरोसेमंद दुकान से घी खरीदें.
- पैक्ड घी लेते समय पैकेट की सील जरूर देखें.
- लेबल पर FSSAI लाइसेंस नंबर और निर्माता की जानकारी देखें.
- निर्माण और एक्सपायरी की तारीख जरूर चेक करें.
- सामग्री यानी ingredients की जानकारी पढ़ें.
- बहुत कम कीमत में मिलने वाले घी को लेकर सावधान रहें.
- घी की पैकिंग फूली हुई, टूटी या संदिग्ध लगे तो उसे न खरीदें.
मिलावट का शक हो तो क्या करें?
अगर घी की खुशबू, स्वाद, पैकिंग या गुणवत्ता को लेकर संदेह है तो उसे खाने के बजाय पहले दुकानदार से बिल और उत्पाद की जानकारी लें जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है. घरेलू टेस्ट से किसी उत्पाद को तुरंत नकली घोषित करना सही नहीं है, क्योंकि मिलावट की पक्की पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही होती है.
त्योहार खुशियों और मिठास का समय होते हैं. ऐसे में बाजार से घी खरीदते समय सिर्फ कीमत देखकर खरीदारी न करें. भरोसेमंद जगह से खरीदें, पैकिंग और लेबल जांचें और अगर शुद्धता पर संदेह हो तो विशेषज्ञ या खाद्य प्रयोगशाला की मदद लें इससे त्योहारों की मिठास के साथ परिवार की सेहत का भी ध्यान रखा जा सकेगा.