All Rounder Masala Recipe: एक चम्मच मसाला और खाने का स्वाद बदल जाएगा. कभी-कभी रसोई में सब्जियां और बाकी सामान मौजूद होते हैं, लेकिन स्वाद में वह बात नहीं आती जिसकी उम्मीद होती है. खासकर जब बिना प्याज और लहसुन के खाना बनाना हो, तब यह परेशानी और ज्यादा महसूस हो सकती है. चातुर्मास, व्रत के दिनों या सात्विक और जैन भोजन पसंद करने वाले घरों में यह स्थिति आम है. ऐसे में हर बार अलग-अलग मसालों का इस्तेमाल करने के बजाय अगर एक ऐसा मसाला तैयार मिल जाए, जो सब्जी से लेकर चावल और स्नैक्स तक में काम आ सके, तो खाना बनाना काफी आसान हो जाता है.
यही वजह है कि घर पर तैयार किया गया ऑल-राउंडर मसाला काफी काम का साबित हो सकता है. इसमें कढ़ी पत्ता, मूंगफली, सूखी लाल मिर्च, नारियल, धनिया और जीरा जैसी चीजें शामिल होती हैं. इन चीजों को हल्का भूनकर पीसा जाता है, जिससे मसाले में अच्छी खुशबू और स्वाद आता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी खास या महंगी सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. एक बार बनाकर एयरटाइट डिब्बे में रख दें, फिर जरूरत के हिसाब से खाने में डालते रहें.
क्या है इस होममेड मसाले की खासियत?
इस मसाले की सबसे बड़ी खासियत इसका मल्टीपर्पज होना है. आमतौर पर एक मसाला किसी खास डिश के लिए इस्तेमाल होता है, लेकिन यह मिक्स कई तरह के खाने का स्वाद बढ़ा सकता है. कढ़ी पत्ते और जीरे की खुशबू के साथ मूंगफली और नारियल इसमें हल्का नटी स्वाद देते हैं. सूखी लाल मिर्च खाने में चटखारा बढ़ाती है, अगर घर में कोई व्यक्ति प्याज-लहसुन नहीं खाता, तब भी इस मसाले से रोज के खाने को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. साधारण दाल, खिचड़ी या सब्जी में थोड़ी मात्रा डालने से स्वाद में फर्क साफ महसूस होता है.
ऑल-राउंडर मसाला बनाने के लिए सामग्री
इस मसाले को बनाने के लिए बहुत लंबी लिस्ट की जरूरत नहीं है. इसके लिए खूब सारे कढ़ी पत्ते, भुनी हुई मूंगफली, सूखी कश्मीरी लाल मिर्च, थोड़ा नारियल का बुरादा, साबुत धनिया और जीरा बराबर मात्रा में लें. इसके अलावा स्वाद के अनुसार नमक, थोड़ी हींग, चाट मसाला और थोड़ा नींबू का रस चाहिए. मसालों की मात्रा अपने स्वाद के हिसाब से कम या ज्यादा की जा सकती है, अगर बच्चों के लिए बना रहे हैं तो लाल मिर्च की मात्रा कम रखना बेहतर रहेगा.
ऐसे तैयार करें घर का मसाला
पहले कढ़ी पत्ते करें कुरकुरे
सबसे पहले कढ़ी पत्तों को अच्छी तरह धोकर कपड़े या टिश्यू की मदद से पूरी तरह सुखा लें. यह कदम छोटा जरूर है, लेकिन जरूरी है. पत्तों में पानी रह गया तो उन्हें भूनने में ज्यादा समय लगेगा और मसाला जल्दी खराब भी हो सकता है. अब इन्हें बिना तेल के कड़ाही में धीमी आंच पर भूनें. पत्ते कुरकुरे होने तक चलाते रहें.
बाकी सामग्री को भी ड्राई रोस्ट करें
अब उसी कड़ाही में मूंगफली, सूखी लाल मिर्च, नारियल का बुरादा, साबुत धनिया और जीरा डालें. सभी चीजों को धीमी आंच पर करीब दो मिनट तक हल्का भूनें. तेज आंच से बचें, क्योंकि नारियल और मसाले जल्दी जल सकते हैं. हल्की खुशबू आने पर गैस बंद कर दें और सारी सामग्री को एक प्लेट में निकाल लें.
पीसकर तैयार करें मसाला
भुनी हुई सामग्री को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद इसे मिक्सी जार में डालें. इसमें नमक, हींग, चाट मसाला और थोड़ा नींबू का रस मिलाएं. अब सभी चीजों को पीसकर बारीक पाउडर तैयार कर लें, अगर आपको थोड़ा दरदरा मसाला पसंद है तो बहुत ज्यादा बारीक पीसने की जरूरत नहीं है. तैयार मसाले को पूरी तरह सूखे और साफ एयरटाइट कांच के जार में भरकर रखें. ध्यान रखें कि मसाला निकालने के लिए हमेशा सूखी चम्मच का इस्तेमाल करें.
सब्जी से खाखरा तक, कई तरह से करें इस्तेमाल
इस मसाले का इस्तेमाल सिर्फ सब्जी तक सीमित नहीं है. जैन या सात्विक सब्जी में थोड़ा सा मसाला डालने पर स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ सकते हैं. सादे चावल, पुलाव या खिचड़ी में घी के साथ इसकी थोड़ी मात्रा मिलाकर भी खाया जा सकता है. अगर शाम की चाय के साथ कुछ चटपटा खाने का मन हो तो खाखरा, नमकीन या स्नैक्स पर इसे ऊपर से छिड़क सकते हैं. पराठे के आटे में थोड़ा मसाला मिलाने का तरीका भी अच्छा है. कई बार घर में बना साधारण पराठा इसी छोटे से बदलाव से काफी स्वादिष्ट लगने लगता है.
मसाला बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
मसाले की अच्छी शेल्फ लाइफ के लिए सबसे जरूरी है कि सभी सामग्री अच्छी तरह सूखी और भुनी हुई हो. कढ़ी पत्तों में नमी नहीं रहनी चाहिए. मसाला पीसने के बाद उसे गर्म अवस्था में डिब्बे में बंद न करें. पहले पूरी तरह ठंडा होने दें, फिर एयरटाइट कंटेनर में रखें.