सावन का महीना हो और घेवर की बात न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। सावन का महीना शुरू होते ही कुछ पारंपरिक मिठाइयों की खुशबू से बाजार महक उठते हैं। इनमें घेवर का नाम भी शामिल है। घेवर के बिना कुछ त्योहार अधूरा सा लगता है। घेवर देखते ही लोगों के मुंह में पानी भर जाता है। वैसे तो लोग सोचते हैं कि बाजार जैसा जालीदार घेवर बनाने के लिए विशेष सांचे की जरूरत होती है, लेकिन आप इसे बिना सांचे के साधारण पतिले में भी बेहद आसानी से बना सकते हैं। यहां से नोट कर लें रेसिपी। 

 

सामग्री 

  • घेवर का बैटर:
  • देसी घी – 4 चम्मच (पिघला हुआ)
  • ठंडा पानी और बर्फ के टुकड़े – आवश्यकतानुसार
  • मैदा – 1 कप
  • बेसन – 1 बड़ा चम्मच
  • ठंडा दूध – 1/4 कप
  • नींबू का रस – 1 छोटा चम्मच

चाशनी और रबड़ी

  • चीनी – 1 कप (चाशनी के लिए)
  • गाढ़ा दूध/रबड़ी – 1 कप
  • बारीक कटे मेवे (पिस्ता, बादाम) और केसर

बनाने का तरीका

स्टेप 1

एक बड़े बर्तन में देसी घी और 3-4 बर्फ के टुकड़े डालें। इसे तब तक फेंटें जब तक घी मक्खन जैसा सफेद और क्रीमी न हो जाए। अब इसमें ठंडा दूध डालें और मिलाएं। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा करके मैदा और बेसन डालते जाएं। थोड़ा-थोड़ा ठंडा पानी मिलाते हुए एक एकदम पतला और स्मूथ बैटर तैयार कर लें। लास्ट में इसमें नींबू का रस मिलाकर बैटर को फ्रिज में रख दें।

 

स्टेप 2

एक गहरे और छोटे तले वाले भगोने या पतीले में आधा पतीला देसी घी या तेल गरम करें। तेल बहुत तेज गरम होना चाहिए। अब फ्रिज से ठंडा बैटर निकालें। एक धार बनाते हुए ऊंचाई से पतीले के ठीक बीच में थोड़ा-सा बैटर डालें। बैटर डालते ही तेल में तेज झाग उठेगा। झाग के शांत होने का इंतजार करें, फिर बेलन की मदद से बीच में एक छोटा-सा छेद बनाएं। इसी छेद में 10-12 बार थोड़ा-थोड़ा करके ऊँचाई से बैटर डालते जाएं। जब घेवर किनारों से सुनहरी और कुरकुरी हो जाए,तो चाकू या सींक की मदद से उसे आराम से बाहर निकाल लें और जाली पर रख दें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।

 

स्टेप 3

एक तार की चाशनी बनाएं। घेवर पर हल्की गरम चाशनी चम्मच से चारों तरफ फैलाएं। इसके ऊपर ठंडी रबड़ी लगाएं और कटे हुए बादाम, पिस्ता व केसर से सजाएं।

 





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