मशहूर अभिनेत्री अर्चना पूरन सिंह ने हाल ही में अपनी फिल्म ‘टोस्टर’ के बाद करियर में आए उतार-चढ़ाव और फिल्मों की कमी पर खुलकर बात की है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट के बाद भी उनके पास काम की बाढ़ नहीं आई है। अर्चना के मुताबिक, उन्हें कुछ ब्रांड एंडोर्समेंट के ऑफर जरूर मिल रहे हैं, लेकिन जहां तक अभिनय का सवाल है, मेकर्स अभी भी उनसे दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने एक फिल्म को सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि उन्हें अपना किरदार पसंद नहीं आया था। अर्चना ने साफ कहा कि इंडस्ट्री में अभी भी उन्हें बेहतरीन भूमिकाएं नहीं मिल रही हैं, और वे फिल्म निर्देशकों को यह याद दिलाना चाहती हैं कि वे अभिनय करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
‘बोल बच्चन’ की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद भी 10 साल तक रहीं खाली हाथ
अर्चना पूरन सिंह ने बताया कि रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी सुपरहिट फिल्म ‘बोल बच्चन’ की बड़ी व्यावसायिक सफलता के बाद उनका करियर अचानक थम गया था। उन्होंने उस दौर को याद करते हुए कहा कि फिल्म की रिलीज के बाद कई ट्रेड एनालिस्ट्स ने उनसे कहा था कि अब उनके पास फिल्मों की लाइन लग जाएगी। अर्चना ने तब मजाकिया लहजे में उनसे कहा था कि पहला ऑफर आते ही वे उन्हें फोन करेंगी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इसके बाद 10 साल बीत गए और उनके पास एक भी फिल्म का ऑफर नहीं आया। उन्होंने बॉलीवुड की इस अजीब कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए कहा कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री बेहद अजीब और अप्रत्याशित है।
टीवी के व्यस्त शेड्यूल और ‘हंसने वाली इमेज’ ने बिगाड़ा खेल
करियर में आए इस लंबे ठहराव के कारणों पर बात करते हुए अर्चना ने माना कि टीवी की व्यस्तता भी इसका एक बड़ा कारण रही। बहुत से फिल्म मेकर्स को लगता था कि वे टीवी के कॉमेडी शोज़ में इतनी मसरूफ हैं कि फिल्मों के लिए डेट्स नहीं निकाल पाएंगी। इस वजह से जब उन्हें स्कॉटलैंड जैसे देशों में 15 दिनों के आउटडोर शूटिंग शेड्यूल वाले कुछ अच्छे रोल ऑफर भी हुए तो टीवी कमिटमेंट्स के कारण वे उन्हें स्वीकार नहीं सकीं। इसके अलावा, अर्चना ने एक और बड़ी समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि वे निर्देशकों को यह समझाने में नाकाम रही हैं कि वे मूल रूप से एक एक्ट्रेस हैं। आज भी ज्यादातर लोग उन्हें सिर्फ एक ऐसी शख्सियत के रूप में देखते हैं जो नवजोत सिंह सिद्धू की तरह जज की कुर्सी पर बैठकर जोर-जोर से हंसती है।
एक्ट्रेस से थी टीचर्स को काफी उम्मीदें
इससे पहले एक्ट्रेस ने फिल्मों में आने पर बात की थी। उन्होंने खुलासा किया था कि वो एक होनहार छात्र थी। पढ़ाई में काफी अच्छे होने की वजह से उनके टीचर्स को उम्मीद थी कि वो आईएएस या फिर आईएफएस अधिकारी ही बनेंगी, लेकिन जब वो फिल्मों में आईं और मुंबई आने का फैसला किया तो उनकी टीचर्स की उम्मीदें टूट गईं, लेकिन एक्ट्रेस का कहना है कि अब उनकी सफलता को देखकर वो गर्व महसूस करते होंगे।
ओटीटी से नई शुरुआत की उम्मीद
फिलहाल अर्चना पूरन सिंह नेटफ्लिक्स के लोकप्रिय शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में अपनी हंसी का तड़का लगा रही हैं। हालांकि, वे अब अपनी इस इमेज को तोड़कर एक्टिंग की दुनिया में दमदार वापसी करने जा रही हैं। वे जल्द ही वेब सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ में एक अहम किरदार में नजर आएंगी, जिसमें दिग्गज अभिनेता केके मेनन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। यह सीरीज 24 जुलाई से अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होने के लिए पूरी तरह तैयार है। अर्चना को उम्मीद है कि ‘टोस्टर’ और ‘आदर्श बाल विद्यालय’ जैसी सीरीज के बाद फिल्म मेकर्स का नजरिया बदलेगा और उन्हें बड़े पर्दे पर कम से कम दो-तीन बेहतरीन फिल्में करने का मौका जरूर मिलेगा।
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