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Rajbhog Sweet Recipe: बिहार के हर शादी-ब्याह और प्रीतिभोज की थाली की जान है राजभोग मिठाई. पूर्वी चम्पारण के हरसिद्धि प्रखंड के गोविंदपुर चौक पर मिलने वाला राजभोग पूरे जिले में प्रसिद्ध है. सिर्फ ₹12 पीस मिलने वाली इस स्वादिष्ट मिठाई को घर पर आसानी से कैसे बनाएं. जानिए हरसिद्धि के मशहूर हलवाई सोनू से इसकी पूरी रेसिपी.
आदित्य गौरव/पूर्वी चंपारण: बिहार की खान-पान संस्कृति में मिठाइयों का एक अलग और बेहद खास स्थान है. अमूमन शादी-विवाह के मौकों पर जहां पारंपरिक गाजा और खाजा का चलन है. तो वहीं पूजा-पाठ में भगवान के भोग के लिए लड्डू सबसे पहली पसंद होते हैं. राष्ट्रीय त्योहारों जैसे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर जलेबी की मांग अचानक बढ़ जाती है. लेकिन बिहार में आयोजित होने वाले प्रीतिभोज (पार्टी-फंक्शन) की थाली की जान एक बेहद खास मिठाई है. जिसे राजभोग कहा जाता है.
दो रंगों में होता है तैयार
पूर्वी चम्पारण जिले के हरसिद्धि प्रखंड अंतर्गत आने वाले गोविंदपुर चौक पर इस खास राजभोग मिठाई की कई स्पेशलिस्ट दुकानें मौजूद हैं. अपनी बेजोड़ गुणवत्ता और लाजवाब स्वाद के लिए ये दुकानें पूरे चम्पारण जिले में प्रसिद्ध हैं. यहां के स्थानीय दुकानदारों के मुताबिक, राजभोग मुख्य रूप से दो रंगों पीला और सफेद में तैयार किया जाता है. मांग के अनुसार इसके आकार को छोटा या बड़ा रखा जा सकता है. वर्तमान में चम्पारण जिले में यह स्वादिष्ट मिठाई ₹300 प्रति किलो या ₹12 प्रति पीस की बेहद किफायती दर पर उपलब्ध है.
घर पर ऐसे तैयार करें हलवाई जैसा राजभोग
गोविंदपुर चौक के मशहूर राजभोग स्पेशलिस्ट हलवाई सोनू कुमार बताते हैं कि इस मिठाई को कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो करके घर पर भी बेहद शुद्धता के साथ तैयार किया जा सकता है. सबसे पहले शुद्ध दूध को फाड़कर छेना तैयार किया जाता है. दूसरी तरफ दूध को चूल्हे पर अच्छी तरह सुखाकर अंदर भरने के लिए मावा (खोआ) तैयार किया जाता है. तैयार छेना को मारकीन (मलमल) के कपड़े में बांधकर अच्छे से गाड़ दिया जाता है ताकि उसका सारा पानी निकल जाए. इसके बाद छेना को आटे की तरह हथेली से खूब मला जाता है. फिर इसमें थोड़ा सा खाने वाला सोडा और इलायची पाउडर मिलाकर करीब 5 मिनट तक अच्छी तरह मैश किया जाता है.
स्टफिंग और शेप
अब इस मैश किए हुए छेना की छोटी-छोटी लोइयां (पेड़े) बनाई जाती हैं. उनके बीच में तैयार खोआ भरकर उन्हें सुंदर गोल आकार (राजभोग का रूप) दिया जाता है. इसके बाद तेज आंच पर चीनी की पतली चाशनी तैयार की जाती है. चाशनी उबलने पर खोआ भरे इन गोलों को उसमें डाल दिया जाता है. 15 से 20 मिनट तक अच्छी तरह पकाया जाता है. इसके बाद आपका स्पंजी और स्वादिष्ट राजभोग तैयार हो जाता है.
स्वाद में लाजवाब, परोसने में आसान
हलवाई सोनू का कहना है कि राजभोग स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ बेहद सस्ता और परोसने में आसान होता है. यही वजह है कि शादी-ब्याह या किसी भी बड़े फंक्शन के भोज में सैकड़ों-हजारों लोगों को एक साथ मीठे के रूप में इसे परोसने का प्रचलन पिछले कई दशकों से लगातार चला आ रहा है.
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