मटन खाने वालों की कोई कमी नहीं है. जो लोग नॉनवेज खाना पसंद करते हैं, वे सप्ताह में दो से तीन बार नॉनवेज फूड आइटम्स का सेवन जरूर करते हैं. हालांकि, चिकन हो मटन, इनका अधिक सेवन भी सही नहीं होता है. प्रोटीन और कई अन्य पोषक तत्वों से भरपूर मटन स्वाद के कारण खूब पसंद किया जाता है. न्यूट्रिएंट्स की बात करें तो मटन में प्रोटीन, विटामिन B12, जिंक, आयरन आदि कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. हालांकि, जब आप मटन खरीदें तो उसके कुछ भाग को लेने से बचना चाहिए. ऐसा इसलिए, क्योंकि मटन के सभी हिस्से हेल्दी नहीं होते हैं. कुछ भागों में चर्बी और कैलोरी की मात्रा काफी अधिक होती है. कुछ हिस्सों में फैट और कैलोरी अधिक होने के कारण इन्हें खाने से सेहत को नुकसान भी हो सकते हैं.

मटन के किस हिस्से में होती है सबसे ज्यादा चर्बी?
काफी लोग मटन खरीदते समय अपना पसंदीदा भाग जरूर लेते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, मटन के कुछ हिस्सों में चर्बी अधिक होती है, जिन्हें खाने से बचना चाहिए. मटन की पसलियां, पेट का हिस्सा, सीने का भाग, पूंछ के आसपास के हिस्सों में चर्बी का मात्रा सबसे अधिक होती है. यदि आप इन भागों को खाना पसंद करते हैं तो आपके शरीर में सैचुरेटेड फैट और कैलोरी बढ़ सकती है. इसके अलावा, आपने गौर किया होगा कि कुछ हिस्सों पर सफेद परत नजर आती है, वह भी चर्बी (Fat Trimmings) होती है, जो हाई फैट का सोर्स है.

मटन के किस भाग में फैट होता है कम?

यदि आपको हाई कोलेस्ट्रॉल, पेट के आसपास चर्बी अधिक है तो आप कम फैट वाला मटन खरीदें. इसके लिए आप लेग का पार्ट, लोइन (Loin) और शोल्डर (Shoulder) वाले पार्ट के टुकड़े लें, जिनमें दिखने वाली एक्स्ट्रा चर्बी कम हो. पकाने से पहले अतिरिक्त फैट को हटा देंगे तो भी कैलोरी की मात्रा कम हो जाती है.

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ज्यादा चर्बी वाला मटन खाने के नुकसान

-यदि आप बार-बार अधिक चर्बी और हाई कैलोरी वाला मटन खाते हैं तो आपके शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा हो सकती है, जिससे वजन बढ़ने और मोटापे का जोखिम बढ़ सकता है.

-फैटी मटन खाने से हार्ट संबंधित समस्याएं हो सकती हैं. हाई कैलोरी और अधिक फैट युक्त मटन में सैचुरेटेड फैट अधिक हो सकता है. ऐसे में बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) बढ़ सकता है. चर्बी युक्त मटन का लगातार सेवन करने से हृदय रोगों का जोखिम बढ़ सकता है. यदि आपको पहले से ही हार्ट डिजीज है, कोलेस्ट्रॉल हाई रहता है तो मटन खाने से परहेज करें.

-जब आप ज्यादा मात्रा में वसायुक्त भोजन का सेवन करते हैं तो इससे पाचन संबंधित परेशानियां भी हो सकती हैं. इससे गैस, भारीपन, ब्लोटिंग, अपच, भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. साथ ही कब्ज की समस्या भी होने लगती है. अधिक मसालेदार, ऑयली मटन खाकर पेट खराब हो सकता है.

-मटन में चर्बी अधिक होने पर हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ सकता है. इससे आपको हार्ट संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं.

मटन खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
-जब भी मटन खरीदें तो चर्बी वाला भाग ना लें.
-धोते और पकाते समय सफेद परत वाली चर्बी को काटकर हटा दें.
-डीप फ्राई की बजाय ग्रिल, उबालकर या कम तेल में पकाकर मटन खाएं.
-कुछ लोग सिर्फ चावल, रोटी, पराठे के साथ मटन खाते हैं. इसके साथ आप सलाद, साबुत अनाज, हरी सब्जियां भी शामिल करें.
-महीने में एक से दो बार ही खाएं. एक बार में दो-तीन पीस से अधिक न खाएं.
-अधिक खाने से आपको हार्ट डिजीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा की समस्या हो सकती है.



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