Last Updated:
हर कोई चाहता है कि जब दाल थाली में परोसी जाए, तो वो एकदम खिली-खिली दिखे और उसका स्वाद भी ढाबा स्टाइल आए. तो आखिर मूंग दाल पकाते समय कुकर में कितनी सीटी लगाना सही है? आइए जानते हैं परफेक्ट खिली-खिली और पौष्टिक मूंग दाल बनाने के कुछ बेहद आसान और काम के कुकिंग हैक्स.
मूंग दाल बाकी दालों (जैसे तुअर या चना दाल) की तुलना में बहुत जल्दी पकती है.
Moong Dal In Pressure Cooker : किचन में जब कुछ हल्का और झटपट बनाने की बात आती है, तो सबसे पहला ख्याल मूंग की दाल का आता है. मूंग दाल न सिर्फ पचाने में आसान होती है, बल्कि यह प्रोटीन और कई जरूरी न्यूट्रिएंट्स से भरपूर भी होती है. बीमार होने पर डॉक्टर सबसे पहले मूंग दाल खाने की सलाह देते हैं और सेहतमंद रहने के लिए भी इसे डाइट में शामिल करना बेस्ट माना जाता है. लेकिन मूंग दाल के साथ अक्सर एक बड़ी समस्या आती है- इसे कुकर में पकाते ही यह या तो एकदम पानी जैसी बहने लगती है या फिर हलवा बन जाती है.
हर कोई चाहता है कि जब दाल थाली में परोसी जाए, तो वो एकदम खिली-खिली दिखे और उसका स्वाद भी ढाबा स्टाइल आए. तो आखिर मूंग दाल पकाते समय कुकर में कितनी सीटी लगाना सही है? आइए जानते हैं परफेक्ट खिली-खिली और पौष्टिक मूंग दाल बनाने के कुछ बेहद आसान और काम के कुकिंग हैक्स.
कितना सीटी जरूरी?
मूंग दाल बाकी दालों (जैसे तुअर या चना दाल) की तुलना में बहुत जल्दी पकती है. अगर आप बिना छिलके वाली पीली मूंग दाल बना रहे हैं, तो कुकर में सिर्फ 1 से 2 सीटी ही काफी है. लेकिन अगर आपने दाल को बनाने से 15-20 मिनट पहले पानी में भिगोकर रख दिया था, तो कुकर में सिर्फ 1 सीटी लगाएं और गैस बंद कर दें. अगर आप दाल को बिना भिगोए सीधे धोकर पका रहे हैं, तो तेज आंच पर 2 सीटी लगाएं.
सबसे जरूरी बात यह है कि सीटी आने के तुरंत बाद कुकर का प्रेशर खुद से न निकालें. गैस बंद करने के बाद कुकर को अपनी ही भाप (स्टीम) में 5 से 7 मिनट के लिए सेट होने दें. इससे दाल अंदर तक अच्छी तरह पक जाती है और उसके दाने टूटकर बिखरते नहीं हैं.
पानी का सही नाप है असली सीक्रेट
दाल के गीली या गाढ़ी होने का सीधा कनेक्शन पानी की मात्रा से होता है. मूंग दाल के लिए परफेक्ट अनुपात यह है कि अगर आप 1 कप मूंग दाल ले रहे हैं, तो कुकर में ढाई से तीन कप पानी ही डालें. इससे ज्यादा पानी डालने पर दाल सीटी के साथ बाहर आने लगती है और टेक्सचर भी खराब हो जाता है.
दाल को सिर्फ पकाना ही काफी नहीं है, उसके पोषक तत्व (Nutrients) भी बचे रहने चाहिए. इसके लिए दाल उबालते समय पानी में आधा चम्मच हल्दी, स्वादानुसार नमक और सबसे जरूरी एक छोटा चम्मच देसी घी या तेल जरूर डालें. घी डालने से दो फायदे होते हैं. पहला, सीटी आते समय दाल का पानी कुकर से बाहर नहीं फेंकता और किचन गंदा नहीं होता. दूसरा, घी के कारण दाल का स्वाद दोगुना हो जाता है और सेहत के लिहाज से यह शरीर में अच्छी तरह एब्जॉर्ब होती है.
अगर आप छिलके वाली हरी मूंग दाल बना रहे हैं, तो उसमें थोड़ा ज्यादा वक्त लगता है. उसके लिए आप 3 से 4 सीटी लगा सकते हैं.तो अगली बार जब भी घर में मूंग दाल बनाएं, तो सीटी का यह गणित जरूर याद रखें. कम सीटी में पकी यह खिली-खिली दाल न सिर्फ देखने में लाजवाब लगेगी, बल्कि इसके पूरे न्यूट्रिएंट्स भी आपकी फैमिली को मिलेंगे. आज ही इस ट्रिक को ट्राई करें और अपनी सिंपल सी दाल को भी सुपर टेस्टी बनाएं!
About the Author
मैंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमन से अपनी ग्रेजुएशन और मिरांडा हाउस से मास्टर्स की डिग्री पूरी की है. पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन(2009) से की, जिसके बाद दैनिक भास्कर सहित कई प्रमुख अख़बारों में मेनस्ट्र…और पढ़ें