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Muzaffarpur Famous Mini Samosa: मुजफ्फरपुर के कलमबाग चौक पर गोलू कुमार समोसे की दुकान लगाते हैं. इनकी यह मिनी समोसे की दुकान करीब 13 साल पुरानी है जहां पहले ढ़ाई रुपये में एक समोसा मिलता था और अब 15 रुपये प्लेट में तीन समोसे मिलते हैं. इनका स्वाद लेने दूर-दूर से लोग आते हैं.
मुजफ्फरपुर. बढ़ती महंगाई के बीच जहां खाने-पीने की अधिकांश चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं मुजफ्फरपुर के कलमबाग चौक स्थित एक छोटी-सी समोसे की दुकान आज भी अपने स्वाद और किफायती कीमत के कारण लोगों के बीच खास पहचान बनाए हुए है. यहां मिलने वाला मिनी समोसा इतना लोकप्रिय है कि शाम होते ही दुकान के बाहर ग्राहकों की लंबी कतार लग जाती है. कई बार लोगों को अपनी बारी का इंतजार भी करना पड़ता है.
दुकान संचालक गोलू कुमार बताते हैं कि वे पिछले 13 सालों से इस दुकान का संचालन कर रहे हैं. शुरुआत में वे एक समोसा ढाई रुपये में बेचते थे, लेकिन समय के साथ लागत बढ़ने पर अब 15 रुपये में तीन मिनी समोसे की एक प्लेट दी जाती है. इसके बावजूद ग्राहकों की भीड़ में कोई कमी नहीं आई है.
चटनी और भुनी हरी मिर्च का स्वाद
गोलू कुमार के अनुसार, उनकी दुकान की सबसे बड़ी पहचान यहां की विशेष चटनी है, जिसे आलू और तीसी के साथ स्थानीय मसालों के मिश्रण से तैयार किया जाता है. यही चटनी मिनी समोसे के स्वाद को अलग पहचान देती है. इसके अलावा यहां बनने वाले समोसे में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिससे इसे हर वर्ग के लोग पसंद करते हैं. समोसे के साथ परोसी जाने वाली चटनी और भुनी हुई हरी मिर्च का स्वाद ग्राहकों को बार-बार यहां खींच लाता है.
हर दिन बिकती है 1000 प्लेट
उन्होंने बताया कि दुकान पर सुबह के समय लिट्टी-चना मिलता है, जबकि दोपहर करीब 2 बजे के बाद मिनी समोसे की बिक्री शुरू होती है. शाम होते-होते यहां इतनी भीड़ हो जाती है कि लगातार समोसे तलने पड़ते हैं. हर दिन 500 से 1000 प्लेट तक समोसे बिक जाते हैं.
इस दुकान पर केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी भी शाम के नाश्ते के लिए नियमित रूप से पहुंचते हैं. वहीं, दूसरे जिलों से मुजफ्फरपुर आने वाले लोग भी यहां का मशहूर मिनी समोसा चखने के बाद अपने परिवार और दोस्तों के लिए पैक कराकर भी ले जाते हैं.
गोलू कुमार कहते हैं कि उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि ग्राहकों को शुद्ध, ताजा और घर जैसा स्वाद मिले. शायद यही वजह है कि वर्षों बाद भी इस छोटी-सी दुकान की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें