रवनीत सिंह बिट्टू ने यूनियन काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स से इस्तीफा दे दिया है। पीएम मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। वह रेल राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया। बिट्टू राज्यसभा सांसद बनने के बाद यूनियन काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स का हिस्सा बने थे और उन्हें रेल राज्यमंत्री का पद दिया गया था। जून 2026 में राज्यसभा सांसद के रूप में उनका कार्यकाल खत्म हुआ और उन्हें दोबारा उच्च सदन में नहीं भेजा गया।

नियमों के अनुसार अगर कोई मंत्री संसद का सदस्य नहीं रहता तो उसे इस्तीफा देना पड़ता है या 6 महीने के अंदर फिर से सदस्य बनना पड़ता है। बिट्टू अब संसद के सदस्य नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया है और उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया है। रवनीत सिंह बिट्टू से पहले जॉर्ज कुरियन भी इसी वजह से इस्तीफा दे चुके हैं और उनका इस्तीफा भी स्वीकार किया गया था।

 

 





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