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Rajasthani Rabri Drink Recipe: राजस्थान की पारंपरिक देसी राबड़ी गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने और लू से बचाने के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. बाजरा और छाछ से बनने वाली यह ड्रिंक शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ एनर्जी भी देती है. यह ड्रिंक बाजरे की जगह जौ से भी बनाई जा सकती है. सदियों पुरानी यह रेसिपी आज भी भीषण गर्मी में फायदेमंद है.
राजस्थान की राबड़ी लू से बचाने में बेहद असरदार होती है.
Rajasthani Desi Rabri recipe: इस वक्त उत्तर भारत के कई राज्यों में भयंकर गर्मी दर्ज की जा रही है. कहीं पारा 46 डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है, तो कहीं 47-48 का रिकॉर्ड तोड़ रहा है. राजस्थान में अन्य जगहों के मुकाबले गर्मी थोड़ी ज्यादा रहती है और ऐसे में यहां के लोग हीटवेव से बचने के लिए सदियों से पारंपरिक ड्रिंक का सेवन करते आ रहे हैं. ऐसी ही एक ड्रिंक राबड़ी है, जिसे कई जगहों पर राब भी कहा जाता है. राजस्थान जैसे राज्य में तापमान कई बार 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, वहां लोगों ने सदियों पहले ही ऐसी पारंपरिक ड्रिंक्स तैयार कर ली थीं, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखने का काम करती हैं.
यह पारंपरिक पेय आज भी गांवों में बड़े चाव से पिया जाता है. बाजरे या जौ से बनने वाली यह हेल्दी ड्रिंक गर्मी और लू से बचाने में बेहद कारगर मानी जाती है. पहले के समय में किसान और मजदूर तेज धूप में काम करने से पहले राबड़ी पीते थे, ताकि शरीर में पानी और ऊर्जा की कमी न हो. इसकी ठंडी तासीर शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद करती है और लंबे समय तक शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखती है. राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में इसे राब भी कहा जाता है. गर्मियों में यह सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि पारंपरिक हेल्थ टॉनिक की तरह इस्तेमाल की जाती रही है. आज भी यह बेहद लोकप्रिय समर ड्रिंक है.
क्यों खास मानी जाती है देसी राबड़ी?
राजस्थान की भीषण गर्मी में शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी होना आम बात है. ऐसे में राबड़ी शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी देती है. इसमें इस्तेमाल होने वाला बाजरा और जौ फाइबर, आयरन और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. वहीं छाछ शरीर को ठंडा रखने में मदद करती है. यही वजह है कि यह ड्रिंक लू और डिहाइड्रेशन से बचाने में काफी असरदार मानी जाती है. राबड़ी की तासीर ठंडी मानी जाती है, जिससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है. गर्मियों में इसे पीने से अंदर से ठंडक महसूस होती है. छाछ और बाजरे की वजह से यह ड्रिंक पाचन के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. इससे पेट हल्का रहता है और एसिडिटी जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं.
घर पर ऐसे बनाएं राजस्थान की देसी राबड़ी
राबड़ी बनाने के लिए सबसे पहले 2 चम्मच बाजरे या जौ का आटा, 2 कप छाछ, 1 कप पानी, स्वादानुसार नमक, भुना जीरा पाउडर और पुदीना या हरा धनिया की जरूरत होती है. अगर आप इसमें स्वाद के कुछ और चीजें मिलाना चाहें, तो ऐसा भी कर सकते हैं. इन सभी चीजों को इकट्ठा कर लें और फिर राबड़ी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दें.
सबसे पहले बाजरे या जौ के आटे को थोड़ा पानी डालकर अच्छी तरह घोल लें, ताकि उसमें गांठें न रहें. अब एक बर्तन में इस मिश्रण को धीमी आंच पर पकाएं. कुछ मिनट बाद इसमें छाछ मिलाएं और लगातार चलाते रहें. जब मिश्रण हल्का गाढ़ा हो जाए, तब इसमें नमक और भुना जीरा डालें. आप चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए पुदीना या हरा धनिया भी मिला सकते हैं. इसे ठंडा करके पिएं. गर्मियों में यह ड्रिंक शरीर को तुरंत राहत देती है.
राबड़ी कब और कैसे पिएं?
राबड़ी को दोपहर के समय पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. बाहर धूप से आने के बाद इसे पिया जा सकता है. इसे फ्रिज में ज्यादा ठंडा करने के बजाय मिट्टी के बर्तन में ठंडा रखें. ताजा बनी राबड़ी पीना ज्यादा बेहतर होता है. राजस्थान की पारंपरिक राबड़ी सिर्फ एक देसी ड्रिंक नहीं, बल्कि गर्मियों से बचाव का सदियों पुराना प्राकृतिक तरीका है. जब आधुनिक कोल्ड ड्रिंक्स नहीं थे, तब लोग इसी तरह के पारंपरिक पेय से खुद को भीषण गर्मी और लू से सुरक्षित रखते थे.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें