Highlights
- BJP की बंपर जीत के बाद आज दिल्ली जाएंगे CM भजनलाल, PM मोदी ने दी बधाई।
- राजस्थान के 10 नगर निगमों में से 5 में BJP का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा।
- निकाय चुनाव के बाद अब BJP की नजर पंचायत चुनावों पर, कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती।
जयपुर: राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत के बाद आज सियासी हलचल तेज है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दिल्ली रवाना होंगे, जहां पार्टी नेतृत्व के साथ उनकी मुलाकात हो सकती है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में बीजेपी की जीत पर कार्यकर्ताओं और जनता को बधाई दी है। सोमवार को घोषित हुए नतीजों में बीजेपी ने 10 में से कम से कम 5 नगर निगमों में मेयर बनाने की स्थिति हासिल की है। जयपुर, कोटा, उदयपुर, भीलवाड़ा और अलवर में बीजेपी का मेयर बनना लगभग तय है, जबकि जोधपुर में भी पार्टी मेयर बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है।
ढोल-नगाड़ों के साथ मना जीत का जश्न
निकाय चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद जयपुर में बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह है। बीजेपी कार्यालय में ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जब पार्टी कार्यालय पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अब जीत के अगले दिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। उन्हें आज दिल्ली बुलाया गया है। मुख्यमंत्री दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। निकाय चुनाव के नतीजों और आगे की सियासी रणनीति पर भी चर्चा की संभावना है।
‘झूठ की गूंज के सामने सत्य की विजय’
राजस्थान निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कार्यकर्ताओं और जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान के नगर निकाय चुनावों में बीजेपी को प्रचंड जीत दिलाने के लिए जनता का हृदय से आभार है। प्रधानमंत्री ने इस जीत को ‘झूठ की गूंज के सामने सत्य की विजय’ का प्रमाण बताया। पीएम मोदी की बधाई के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दिया। उन्होंने कहा कि देश के नौजवान प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं।
5 नगर निगमों में BJP का मेयर बनना तय
राजस्थान के 10 नगर निगमों के नतीजों में बीजेपी ने मजबूत प्रदर्शन किया है। पार्टी जयपुर, कोटा, उदयपुर, अलवर और भीलवाड़ा में मेयर बनाने की स्थिति में है। जोधपुर में भी बीजेपी मेयर बना सकती है। वहीं कांग्रेस को सिर्फ बीकानेर नगर निगम में कामयाबी मिली है और यहां कांग्रेस का मेयर बनना तय माना जा रहा है। अजमेर और पाली में कांग्रेस के सबसे ज्यादा पार्षद जीते हैं, लेकिन यहां मेयर का फैसला निर्दलीय पार्षद करेंगे। यानी इन दोनों जगहों पर निर्दलीय पार्षद किंगमेकर की भूमिका में रहेंगे। भरतपुर में तो निर्दलीयों ने दोनों प्रमुख दलों को पीछे छोड़ दिया। यहां 65 वार्डों में से 38 पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते। बीजेपी को 20 और कांग्रेस को सिर्फ 7 वार्ड मिले।
10,167 वार्डों में BJP को 4,179 सीटें
राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के लिए दो चरणों में चुनाव कराए गए थे। दोनों चरणों में कुल 10,167 वार्डों के लिए मतदान हुआ। सोमवार शाम तक सामने आए नतीजों के मुताबिक बीजेपी ने 4,179 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 3,613 वार्डों में जीत मिली। इन आंकड़ों ने साफ कर दिया कि शहरी निकाय चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस पर बढ़त बनाई है।
गहलोत के गढ़ जोधपुर में BJP की सेंध
निकाय चुनाव में कई बड़े उलटफेर भी देखने को मिले। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गढ़ जोधपुर में उनके अपने वार्ड में बीजेपी ने जीत दर्ज की। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत हासिल की। यानी बड़े नेताओं के प्रभाव वाले वार्डों में भी मतदाताओं ने चौंकाने वाले फैसले दिए हैं। कांग्रेस को कोटा में जीत की उम्मीद थी। राहुल गांधी ने अपने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की शुरुआत भी कोटा से की थी। लेकिन चुनाव नतीजों में कांग्रेस को यहां बड़ा झटका लगा। कोटा के कुल 100 वार्डों में बीजेपी ने 55 सीटें जीतीं। कांग्रेस के खाते में 39 सीटें आईं, जबकि 6 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते।
टोंक में चला सचिन पायलट का जादू
बीजेपी की बड़ी जीत के बीच टोंक का नतीजा कांग्रेस के लिए राहत लेकर आया। टोंक के कुल 59 वार्डों में कांग्रेस उम्मीदवारों ने 32 सीटों पर जीत दर्ज की। टोंक के नतीजे को कांग्रेस नेता सचिन पायलट के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। यहां कांग्रेस ने दोनों प्रमुख दलों में मजबूत प्रदर्शन किया।
वसुंधरा राजे के गढ़ में BJP का परचम
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़ झालरापाटन में भी बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया। नगर पालिका की 35 सीटों में से बीजेपी ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की। वसुंधरा राजे ने इस जीत के लिए कार्यकर्ताओं और जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जीत का श्रेय बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और जनता के अटूट विश्वास को जाता है। उन्होंने कहा कि झालरापाटन की जनता के साथ उनका रिश्ता आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत और सबसे बड़ी पूंजी है और जनता का विश्वास व स्नेह यूं ही बना रहे।
बीजेपी के सभी मुस्लिम उम्मीदवार हारे
बीजेपी की बड़ी जीत के बावजूद चुनाव में पार्टी के सभी मुस्लिम उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। राजधानी जयपुर में बीजेपी ने 8 वार्डों में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था, लेकिन इनमें से कोई भी चुनाव नहीं जीत सका। इन उम्मीदवारों को अपेक्षित वोट ट्रांसफर नहीं मिल पाया। बीजेपी की बड़ी जीत के बीच यह चुनाव परिणाम राजनीतिक चर्चा का एक अहम मुद्दा बन गया है।
कांग्रेस ने लगाया सरकारी तंत्र के इस्तेमाल का आरोप
बीजेपी की जीत के बाद कांग्रेस ने चुनाव में सरकारी तंत्र के इस्तेमाल का आरोप लगाया। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी पर सरकारी मशीनरी के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए नतीजों को जनता के समर्थन के तौर पर पेश किया है। नगर निकाय चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद बीजेपी का अगला लक्ष्य पंचायत चुनाव हैं। निकाय चुनाव के नतीजों से पार्टी का मनोबल बढ़ा है और अब वह पंचायत स्तर पर भी इसी प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करेगी।
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