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Sabudana Soaking Trick: साबूदाना की खिचड़ी, खीर या दूसरी फलाहारी डिश बनाने के लिए उसे घंटों भिगोना पड़ता है. अगर भिगोना भूल गए हैं तो सही मात्रा में गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके इसे कम समय में तैयार किया जा सकता है.
साबूदाना भिगोने की ट्रिक: कम समय में बनेगा खिला-खिला (Image-AI generated)
Sabudana Soaking Trick: साबूदाने की कोई डिश बनाने का मन हो और तभी याद आए कि इसे तो घंटों पहले भिगोना था! व्रत के दिनों में ऐसा अक्सर होता है. खासकर सावन सोमवार जैसे मौकों पर जब घर में फलाहारी खाना बनाने की तैयारी चल रही हो, तब साबूदाना खिचड़ी या साबूदाना वड़ा के लिए पहले से भिगोना भूल जाना पूरा प्लान बिगाड़ सकता है. आमतौर पर साबूदाना अच्छी तरह फूलने में 4 से 7 घंटे तक ले सकता है. मोटे दानों को तो और ज्यादा समय चाहिए होता है.
लेकिन हर बार रात में भिगोकर रखना संभव नहीं. ऐसे में एक आसान तरीका काम आ सकता है. बस साबूदाना धोने, पानी की मात्रा और तापमान का ध्यान रखना जरूरी है. इससे कम समय में दाने नरम हो सकते हैं और सही तरीके से तैयार किए जा सकते हैं.
साबूदाना कितनी देर भिगोना जरूरी है?
साबूदाने को भिगोने का समय उसके आकार और क्वालिटी पर निर्भर करता है. छोटे दानों वाला साबूदाना सामान्य तौर पर करीब 4-5 घंटे में अच्छी तरह फूल सकता है, जबकि मोटे साबूदाने को 6-7 घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है. यही वजह है कि इसे अक्सर रात में भिगोकर सुबह इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. सही तरीके से भिगा हुआ साबूदाना दबाने पर आसानी से नरम हो जाता है, लेकिन दाने आपस में चिपकते नहीं हैं. यही टेक्सचर खिचड़ी जैसी डिश के लिए सबसे जरूरी है. ज्यादा पानी या जरूरत से ज्यादा भिगोने पर साबूदाना चिपचिपा हो सकता है और पूरी डिश का स्वाद व बनावट बिगड़ सकती है.
जल्दी तैयार करना हो तो अपनाएं ये तरीका
अगर साबूदाना पहले से भिगोना भूल गए हैं, तो सबसे पहले इसे 2-3 बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इससे अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है और दाने आपस में ज्यादा चिपकने से बचते हैं.
पानी की मात्रा रखें बिल्कुल सही
अब एक पैन में साबूदाने के बराबर मात्रा में पानी गर्म करें. मसलन, अगर आपने एक कप साबूदाना लिया है तो करीब एक कप पानी लें. पानी को उबालना नहीं है. वह सिर्फ इतना गर्म होना चाहिए कि उसे छूने पर बहुत तेज गर्माहट महसूस न हो. अब इस गुनगुने पानी में धुला हुआ साबूदाना डालकर बर्तन को ढक दें. करीब 20-25 मिनट के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें. इस दौरान दाने पानी सोखने लगेंगे. इसके बाद अगर थोड़ा पानी बचा है तो उसे निकाल दें और साबूदाने को दोबारा ढककर करीब 20-25 मिनट के लिए रख दें. कुछ मामलों में इससे साबूदाना काफी नरम और इस्तेमाल लायक हो जाता है. हालांकि अलग-अलग किस्म के साबूदाने में समय थोड़ा बदल सकता है, इसलिए डिश बनाने से पहले एक दाना दबाकर जरूर जांच लें.
जल्दबाजी में ये गलती न करें
साबूदाने को जल्दी फूलाने के चक्कर में खौलता हुआ पानी डालना सही तरीका नहीं है. बहुत गर्म पानी से बाहरी हिस्सा जल्दी नरम होकर चिपचिपा हो सकता है, जबकि अंदर का हिस्सा वैसा ही रह सकता है. इसी तरह जरूरत से ज्यादा पानी डालने पर भी दाने गीले और चिपचिपे हो सकते हैं. एक और बात ध्यान रखें. अगर साबूदाना पानी सोख चुका है तो उसे लंबे समय तक उसी पानी में पड़ा न रहने दें. अतिरिक्त पानी निकालकर उसे ढककर रखने से दानों की बनावट बेहतर रह सकती है.
खिचड़ी से लेकर खीर तक, ऐसे करें इस्तेमाल
जब साबूदाना अच्छी तरह नरम हो जाए तो इससे खिचड़ी, खीर, टिक्की, पराठा या दूसरी फलाहारी डिश तैयार की जा सकती है. खासकर व्रत के दौरान अचानक कुछ बनाने की जरूरत पड़ जाए तो यह तरीका समय बचाने में मदद कर सकता है. फिर भी अगर समय उपलब्ध हो, तो साबूदाने को सामान्य तरीके से कई घंटे भिगोना ही बेहतर विकल्प है. जल्दी वाला तरीका जरूरत के समय काम आ सकता है, लेकिन पानी का अनुपात और तापमान सही रखना सबसे अहम है.
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कीर्ति राजपूत हिंदी डिजिटल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 13 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह साल 2021 से News18 हिंदी की धर्म टीम के साथ जुड़ी हैं, जहां…
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