Last Updated:
गर्मी के मौसम में सुबह का नाश्ता ऐसा होना चाहिए जो शरीर को ठंडक दे, लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखे और स्वाद में भी भरपूर हो. ऐसे में भीगे हुए चने एक बेहतरीन और देसी विकल्प बनकर सामने आते हैं, जिन्हें रातभर भिगोकर सुबह हरी मिर्च, प्याज और हल्के तड़के के साथ झटपट तैयार किया जा सकता है. ग्रामीण इलाकों में यह नाश्ता लंबे समय से लोकप्रिय है और लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं.
शिवपुरी. गर्मी के मौसम में अगर नाश्ते में कुछ ऐसा मिल जाए जो पेट को ठंडक दे, लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखें और स्वाद में भी शानदार हो, तो भला कौन मना करेगा. इसके लिए सबसे आसान और देसी उपाय है, रात में चने भिगो देना और सुबह हरी मिर्च व प्याज का तड़का लगाकर झटपट तैयार कर लेना. यह नाश्ता ग्रामीण अंचल में काफी मशहूर है और लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं.
भीगे चने पोषण का खजाना हैं. इनमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और फोलेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. विटामिन B-कॉम्प्लेक्स ऊर्जा बनाने में मदद करता है, जबकि फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और पेट को ठंडक देता है. आयरन खून बढ़ाने में सहायक है, कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता है. पोटैशियम शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखता है, जिससे गर्मी में डिहाइड्रेशन कम होता है. भीगे चने सुबह खाने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है, अनावश्यक भूख कम लगती है और दिनभर स्थिर ऊर्जा मिलती है. तड़के में डली हरी मिर्च, प्याज और नींबू एंटीऑक्सीडेंट बढ़ाते हैं, जिससे इम्यूनिटी को भी लाभ मिलता है.
बनाने का तरीका
रात में एक कटोरे देसी या काबुली चने अच्छी मात्रा में पानी डालकर भिगो दें. सुबह चनों को साफ पानी से 2–3 बार धो लें. कढ़ाई गरम करें, एक चम्मच तेल डालें. इसमें बारीक कटी हरी मिर्च और प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. अब स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च, धनिया पाउडर मिलाएं. भीगे हुए चने कढ़ाई में डालकर 3-5 मिनट अच्छे से चलाएं ताकि मसाले चनों में समा जाएं. चाहें तो थोड़ा नींबू रस और हरा धनिया ऊपर से डाल दें. गैस बंद करें. पौष्टिक, स्वादिष्ट और झटपट तैयार नाश्ता परोसें.
About the Author
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें