Highlights
- टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव को 39 घंटे की पुलिस रिमांड मिली।
- पुलिस को रिमांड के दौरान चढ़ावा चोरी से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद।
- प्रायश्चित अनुष्ठान शुरू, 22 जुलाई की ट्रस्ट बैठक से पहले व्यवस्था सुधार पर जोर।
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब और तेज हो गई है। अयोध्या पुलिस को इस मामले में मुख्य आरोपी माने जा रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव की 39 घंटे की पुलिस रिमांड मिल गई है। पुलिस का मानना है कि दोनों से पूछताछ के दौरान चोरी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस के मुताबिक, चढ़ावा चोरी के मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 6 आरोपियों से पहले ही पुलिस रिमांड पर पूछताछ हो चुकी है। अब टिन्नू यादव और मनीष यादव से पूछताछ के जरिए जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
चंपत राय का करीबी माना जाता है टिन्नू यादव
रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी माना जाता है। वह मंदिर के दानपात्रों की देखरेख करता था और सभी दानपात्रों की चाबियां उसके पास रहती थीं। पुलिस की छापेमारी के दौरान उसके घर से एक लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। मनीष यादव, टिन्नू यादव का भतीजा है। उसे भी टिन्नू ने ही राम मंदिर में काम पर लगवाया था। मनीष चढ़ावे की गिनती का काम करता था। पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी के दौरान दो लाख रुपये नकद बरामद किए थे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को इस पूरे चढ़ावा चोरी गिरोह का मास्टरमाइंड मान रही है।
पूछताछ में पुलिस को मिले हैं कई अहम सुराग
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक जिन आरोपियों से पूछताछ की गई है, उनमें अविनाश शुक्ला से 13 घंटे की पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ हुई। वहीं अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे से 40 घंटे की रिमांड में सवाल-जवाब किए गए। इसके अलावा रमाशंकर मिश्रा और गणना प्रभारी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव से भी 14 घंटे की पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि अब तक की पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। जांच के दौरान चोरी की रकम, उस पैसे से खरीदी गई गाड़ियां, जेवर और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए जा चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होगी SIT की रिपोर्ट
उधर, मामले की जांच कर रही SIT 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम रिपोर्ट दाखिल कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, SIT ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार से कुछ और समय मांगा है, क्योंकि जांच अभी जारी है और कुछ बिंदुओं पर विस्तृत पड़ताल की जा रही है। पहले रिपोर्ट थोड़ा जल्दी आने की बात कही जा रही थी। बताया जा रहा है कि SIT की रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी से जुड़े तथ्य, जिम्मेदार लोगों की भूमिका और पूरी व्यवस्था में हुई कमियों को लेकर बड़े खुलासे हो सकते हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार उसकी समीक्षा करेगी और उसके आधार पर प्रशासनिक तथा कानूनी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
राम मंदिर में जारी है प्रायश्चित अनुष्ठान
इस बीच, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्रायश्चित अनुष्ठान शुरू कराया है। शुक्रवार सुबह 11 बजे से राम मंदिर परिसर में भगवान से क्षमा-याचना के लिए विशेष पूजा-पाठ शुरू हुआ। ट्रस्ट की ओर से 18 पुजारी और पांच आचार्य वैदिक मंत्रोच्चार, रुद्राभिषेक और हवन कर रहे हैं। यह विशेष अनुष्ठान लगातार 10 दिनों तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन दो बार विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ और हवन भी किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट का मानना है कि यह घटना व्यवस्था में हुई चूक का परिणाम है, जिससे देश और विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी कारण वैदिक परंपरा के अनुसार प्रायश्चित अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास फिर से मजबूत हो सके।
चढ़ावा चोरी मामले पर योगी ने दी प्रतिक्रिया
इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रतिक्रिया दी है। शामली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस घटना के बहाने सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में भगवान राम का नाम लेने वालों पर लाठियां और गोलियां चलाई जाती थीं, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। अब सबकी नजर 22 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक पर है। माना जा रहा है कि इस बैठक में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, दानपात्रों की निगरानी और प्रशासनिक सुधारों पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
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