एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट में 4 अगस्त को उड़ान के दौरान करीब 300 फीट अचानक ऊंचाई कम होने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद कराए गए अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट में फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड का टेस्ट पॉजिटिव आया है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच प्रक्रिया के तहत किए गए कन्फर्मेटरी टेस्ट के बाद हुई है।
घटना के बाद विमान के दोनों पायलटों का अनिवार्य साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग टेस्ट कराया गया था। को-पायलट की जांच में कोई चिंता की बात सामने नहीं आई। वहीं, पायलट-इन-कमांड के शुरुआती टेस्ट का नतीजा ऐसा था, जिसके लिए आगे की जांच जरूरी थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 9 अगस्त को बताया था कि पायलट के सैंपल को पुष्टि के लिए निर्धारित प्रयोगशाला भेजा गया है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट में टेस्ट पॉजिटिव आने की बात सामने आई है।
एयर इंडिया ने रविवार को कहा था कि वह DGCA के दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने क्रू सदस्यों का नियमित ड्रग टेस्ट कराती है। एयरलाइन ने यह भी कहा था कि घटना के बाद प्रोटोकॉल के तहत पायलटों की पोस्ट-फ्लाइट स्क्रीनिंग हुई, लेकिन टेस्ट के परिणाम एयर इंडिया के साथ साझा नहीं किए गए थे, इसलिए वह किसी निष्कर्ष पर टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं है।
सरकार ने एयर इंडिया के आउटगोइंग CEO को किया तलब
इस मामले में मंगलवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के आउटगोइंग CEO कैंपबेल विल्सन को तलब किया। सूत्रों के मुताबिक, विल्सन ने एयरलाइन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की।
बैठक में टाटा संस के चेयरमैन के कार्यकारी सलाहकार और पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला और एयर इंडिया के हेड ऑफ फ्लाइट सेफ्टी दीपक जोशी भी मौजूद थे।
इसके अलावा DGCA के महानिदेशक वीर विक्रम यादव और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के महानिदेशक जीवी जी युगंधर भी बैठक में शामिल हुए।
क्या हुआ था 4 अगस्त को?
बता दें कि 4 अगस्त को एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट AI2379 एयरबस A320 विमान VT-EXO से संचालित हो रही थी। क्रूज के दौरान विमान की ऊंचाई अचानक करीब 300 फीट कम हो गई। इसके बाद विमान को स्थिर कर लिया गया और वह सुरक्षित रूप से दिल्ली में लैंड कर गया। इस घटना में कम से कम 17 लोग घायल हुए थे, जिनमें चार केबिन क्रू सदस्य शामिल थे। मामले की जांच AAIB कर रहा है।
सोमवार को सामने आई जानकारी के मुताबिक, उड़ान के दौरान विमान में कई तकनीकी समस्याएं भी सामने आई थीं। इनमें ऑटोपायलट का डिस्कनेक्ट होना शामिल था। इसके बाद को-पायलट ने विमान का नियंत्रण मैन्युअली संभाला। रिपोर्ट्स के अनुसार, विमान ने फ्लाइट-कंट्रोल स्टॉल वार्निंग भी दी।
इसके अलावा कुछ इंडिकेटर स्विच थोड़ी देर के लिए बंद हुए और विमान में कई तकनीकी एवं मैकेनिकल गड़बड़ियां सामने आईं। उड़ान के दौरान विमान को मिड-एयर टर्बुलेंस का भी सामना करना पड़ा।
विमान के फ्लाइट-कंट्रोल और अन्य महत्वपूर्ण ऑपरेशनल सिस्टम में हाइड्रोलिक सिस्टम की अहम भूमिका होती है। दबावयुक्त हाइड्रोलिक फ्लूइड की मदद से ये सिस्टम विमान के कई मैकेनिकल हिस्सों और नियंत्रण प्रणालियों को संचालित करते हैं। तकनीकी समस्याओं से निपटने के बाद विमान ने अपनी उड़ान जारी रखी और सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंचा।
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