फुटबॉल की दुनिया में रिकॉर्ड बनाना लियोनेल मेसी के लिए जैसे एक आदत बन गई है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन के खिलाफ मैदान पर उतरते ही अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी ने ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे आज तक कोई भी फुटबॉलर नहीं बना सका था। 39 साल के मेसी अब दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने अपनी नेशनल टीम की तीन फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में कप्तानी की है। यही नहीं, उनके सामने लगातार दूसरा वर्ल्ड कप जीतकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने का सुनहरा मौका भी है।

19 जुलाई को न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में स्पेन के खिलाफ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल के साथ मेसी अपने करियर का तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल खेलने उतरे। खास बात यह रही कि 2014, 2022 और अब 2026 यानी तीनों फाइनल में अर्जेंटीना की कप्तानी भी उन्होंने ही संभाली।

इससे पहले फुटबॉल इतिहास में केवल पांच खिलाड़ी ऐसे रहे थे, जिन्होंने अपनी टीम की दो-दो वर्ल्ड कप फाइनल में कप्तानी की थी। इनमें वेस्ट जर्मनी के कार्ल-हाइंज रुमेनिगे (1982, 1986), अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना (1986, 1990), ब्राजील के डुंगा (1994, 1998), फ्रांस के ह्यूगो लॉरिस (2018, 2022) और लियोनेल मेसी (2022, 2026) शामिल हैं। लेकिन तीन वर्ल्ड कप फाइनल में कप्तान बनने का रिकॉर्ड अब सिर्फ मेसी के नाम है।

2014 में खेला था पहला फाइनल

मेसी ने पहली बार 13 जुलाई 2014 को रियो डी जेनेरियो के माराकाना स्टेडियम में जर्मनी के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल में अर्जेंटीना की कप्तानी की थी। हालांकि उस मुकाबले में 1-0 की हार ने उनका सपना तोड़ दिया था। इसके बाद 18 दिसंबर 2022 को कतर के लुसैल स्टेडियम में मेसी ने इतिहास पलट दिया। फ्रांस के खिलाफ रोमांचक फाइनल में उन्होंने दो गोल दागे और अर्जेंटीना को पेनल्टी शूटआउट में जीत दिलाकर 36 साल बाद वर्ल्ड कप ट्रॉफी जिताई। यह अर्जेंटीना का तीसरा वर्ल्ड कप खिताब था।

अब मेसी के पास इतिहास को और भी सुनहरा बनाने का मौका है। यदि अर्जेंटीना स्पेन को हराकर लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतता है, तो मेसी वर्ल्ड कप इतिहास में लगातार दो खिताब जीतने वाली टीम के पहले कप्तान बन जाएंगे। अब तक कोई भी कप्तान यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाया है।

तीन फाइनल खेलने वाले सिर्फ दूसरे फुटबॉलर

मेसी पहले से ही फीफा वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। इसके अलावा वह वर्ल्ड कप के तीन फाइनल खेलने वाले केवल दूसरे फुटबॉलर बने हैं। उनसे पहले सिर्फ ब्राजील के दिग्गज कप्तान काफू ने 1994, 1998 और 2002 के वर्ल्ड कप फाइनल खेले थे। हालांकि काफू 1994 के फाइनल में सब्स्टिट्यूट खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरे थे, जबकि 2002 में उन्होंने कप्तान के रूप में ब्राजील को चैंपियन बनाया था।

39 साल की उम्र में मेसी एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। वह फीफा वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाले इतिहास के सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी भी बन गए हैं। इसके अलावा अर्जेंटीना के कप्तान के निशाने पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने वर्ल्ड कप 2026 में अब तक आठ गोल किए हैं। यदि वह स्पेन के खिलाफ फाइनल में भी गोल दागने में सफल रहते हैं, तो वह वर्ल्ड कप के एक से अधिक फाइनल में गोल करने वाले इतिहास के केवल छठे खिलाड़ी बन जाएंगे।

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