नई दिल्ली: आज संसद के मानसून सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम बिल पेश करेंगे। इस प्रस्तावित कानून का मकसद राष्ट्रीय गीत, वंदे मातरम को वही कानूनी सुरक्षा देना है, जो अभी राष्ट्रीय गान-जन गण मन को मिली हुई है।

अगर यह बिल लागू होता है, तो यह ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम एक्ट’ में बदलाव करेगा, ताकि वंदे मातरम का अपमान करना एक सजा वाला अपराध बन जाए और कानूनी सुरक्षा के मामले में इसे राष्ट्रीय गान के बराबर लाया जा सके।

वंदे मातरम का अपमान करने पर कितनी सजा?

इस कानून के लागू होने के बाद अगर कोई जानबूझकर राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या गाने में रुकावट डालता है तो उसे 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। ये बिल सरकार, राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह के साल भर चलने वाले जश्न के मौके पर लेकर आई है।

वंदे मातरम को लेकर नियम-

  • सभी सरकारी कार्यक्रमों में गाया जाए
  • कार्यक्रम शुरू होने पहले गाया जाए 
  • सभी 6 अंतरे गाना अनिवार्य
  • 3 मिनट 10 सेकंड में गाया जाए 
  • गायन के दौरान सावधान मुद्रा रहे
  • स्कूलों में प्रार्थना से पहले गाया जाए

वंदे मातरम के रचनाकार कौन हैं?

वंदे मातरम के रचनाकार बंकिम चंद्र चटर्जी थे। इसमें 6 अंतरे होते हैं और इसे गाने का समय 3 मिनट 10 सेकंड है। इसकी मूल भाषा संस्कृत और बांग्ला है और इसका पहली बार गायन कोलकाता में 1896 में हुआ था। ये मूल उपन्यास आनंदमठ में प्रकाशित हुआ था। 

विपक्ष वंदे मातरम बिल को लेकर कर रहा सियासत

वंदे मातरम बिल को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। बीजेपी जहां इसे राष्ट्रीय सम्मान बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे मोदी सरकार की जेल भरो नीति बता रही है।

संसद का मानसून सत्र आज से हो रहा शुरू

गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र आज से शुरू होगा। ये सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। आशंका जताई जा रही है कि मानसून सत्र के पहले ही दिन विपक्ष जमकर हंगामा कर सकता है और नीट पेपर लीक, सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाने का मुद्दा उठा सकता है। विपक्ष ई-20 पेट्रोल और राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर भी हंगामा काट सकता है।

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