एनसीपी (शरद पवार गुट) ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पार्टी प्रवक्ताओं की सभी पूर्व नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। पार्टी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 4 अगस्त 2026 से यह निर्णय लागू हो गया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शशिकांत शिंदे की मंजूरी के बाद जारी आदेश में कहा गया है कि अगले आदेश तक प्रवक्ता पद पर की गई सभी पूर्व नियुक्तियां निरस्त रहेंगी।
विद्या चव्हाण और तपासे मीडिया के सामने रखेंगे पक्ष
नए आदेश के तहत पूर्व विधायक विद्या चव्हाण और महेश तपासे को पार्टी का अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। अब यही दोनों नेता मीडिया के समक्ष एनसीपी (शरद पवार गुट) का आधिकारिक पक्ष रखेंगे और पार्टी की ओर से अधिकृत बयान जारी करेंगे।
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दिए गए निर्देश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पार्टी ने एक पत्र जारी किया है। पार्टी ने अपने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे नए आदेश का पालन करें। साथ ही मीडिया से जुड़े मामलों में केवल अधिकृत प्रवक्ताओं के आधिकारिक बयानों को ही पार्टी का रुख मानें।
पार्टी को अब तरह-तरह की बयानबाजी से मिलेगी राहत
राजनीतिक जानकार इस फैसले को पार्टी की मीडिया रणनीति और संगठनात्मक ढांचे को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में उठाया गया अहम कदम मान रहे हैं। पिछले कई दिनों से पार्टी के अंदर मीडिया में तरह-तरह की बयानबाजी हो रही थी। अब पार्टी को उससे भी राहत मिलेगी।
हाल ही में बदला गया था पार्टी के छात्र विंग का अध्यक्ष
पिछले कुछ दिनों में शशिकांत शिंदे ने सुशील बोर्दे को पार्टी के छात्र विंग का अध्यक्ष, विशाल वाकडकर को युवा विंग का अध्यक्ष और राम राठौड़ को शिक्षक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष नियुक्त किया है। अब पार्टी के प्रवक्ताओं में भी संगठनात्मक फेरबदल किया गया है।
कई प्रवक्ता उम्मीदों पर नहीं उतरे खरे
हाल के दिनों में शिंदे पार्टी के कामकाज और संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा के लिए राज्यव्यापी संगठनात्मक दौरे पर हैं। सूत्रों के अनुसार, कई प्रवक्ता उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और पार्टी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से हटाने के बजाय पूरे पैनल को बदलने का फैसला किया। यह घटनाक्रम ऐसे दिन सामने आया है, जब कांग्रेस और सत्ताधारी एनसीपी के बीच उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को गुंगी गुड़िया कहे जाने पर तीखी बहस छिड़ हुई है।
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