टीम इंडिया एक बार फिर श्रीलंका की सरजमीं पर टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए तैयार है। 15 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक दोनों देशों के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी, जिसकी अहमियत सिर्फ द्विपक्षीय मुकाबले तक सीमित नहीं है। इस सीरीज में दांव पर ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप यानी WTC 2025-27 के पॉइंट्स भी होंगे। ऐसे में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम की नजरें न सिर्फ जीत पर होंगी, बल्कि पॉइंट्स टेबल में लंबी छलांग लगाने पर भी रहेंगी। सीरीज से पहले भारतीय टीम 7 अगस्त से कोलंबो में चार दिवसीय अभ्यास मैच खेलेगी, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार कर सके।
WTC में भारत के लिए क्यों अहम है यह सीरीज?
भारत फिलहाल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की पॉइंट्स टेबल में नौ मैचों के बाद 52 पॉइंट और 48.15 PCT के साथ पांचवें स्थान पर है। यदि टीम इंडिया श्रीलंका में शानदार प्रदर्शन करती है तो न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज से पहले उसकी स्थिति काफी मजबूत हो सकती है।
श्रीलंका में ऐसा है भारत का टेस्ट रिकॉर्ड
श्रीलंका की धरती पर भारत का टेस्ट रिकॉर्ड समय के साथ लगातार बेहतर हुआ है। 1985 से 2017 के बीच दोनों टीमों के बीच श्रीलंका में कुल 24 टेस्ट मैच खेले गए। इनमें भारत ने 9 मुकाबले जीते, जबकि 7 में हार का सामना करना पड़ा। वहीं, 8 टेस्ट ड्रॉ रहे। भारत ने श्रीलंका में अपना पहला टेस्ट अगस्त 1985 में कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) मैदान पर खेला था। वह मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ था। शुरुआती सालों में भारतीय टीम को श्रीलंकाई परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन पिछले एक दशक में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
2015 के बाद से श्रीलंका में अजेय है भारत
भारत को श्रीलंका में आखिरी टेस्ट हार अगस्त 2015 में गॉल में मिली थी। उस मुकाबले में श्रीलंका ने 63 रन से जीत दर्ज की थी। इसके बाद से भारतीय टीम ने श्रीलंका में खेले पांचों टेस्ट मैच जीते हैं और पिछले 11 सालों से वहां एक भी टेस्ट नहीं गंवाया है। जीत का यह सिलसिला अगस्त 2015 में कोलंबो में 278 रन की बड़ी जीत से शुरू हुआ। उसी सीरीज में भारत ने सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर 117 रन से एक और जीत दर्ज की थी।
भारत ने आखिरी बार 2017 में विराट कोहली की कप्तानी में श्रीलंका का टेस्ट दौरा किया था। वह दौरा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार विदेशी दौरों में शामिल है। भारत ने गॉल टेस्ट में पहली पारी में 600 रन बनाने के बाद 304 रन से जीत दर्ज की। इसके बाद कोलंबो टेस्ट एक पारी और 53 रन से अपने नाम किया और फिर पल्लेकेले में एक पारी और 171 रन की शानदार जीत के साथ सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। इस क्लीन स्वीप ने विदेशी सरजमीं पर भारत के दबदबे को साबित किया और श्रीलंका में उसकी अजेय लय को भी आगे बढ़ाया।
इस बार चुनौती बड़ी
भारत का पिछला रिकॉर्ड उसके पक्ष में है, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा अहम माना जा रहा है। WTC फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को इस सीरीज में जीत की सख्त जरूरत होगी। दूसरी ओर, श्रीलंका भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा।
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