अजिंक्य रहाणे के लिए क्रिकेट को अलविदा कहना आसान नहीं था। जिस खेल को उन्होंने सालों तक अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाए रखा, उससे विदाई के ऐलान के वक्त वह खुद को भावुक होने से रोक नहीं सके। लेकिन इस फैसले के बाद जब फोन की घंटी बजी, तो दूसरी तरफ क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर थे। रहाणे ने अब खुलासा किया है कि संन्यास की घोषणा के बाद उन्हें सबसे पहले फोन करने वालों में सचिन तेंदुलकर शामिल थे। भारत के पूर्व टेस्ट उपकप्तान ने पिछले महीने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। इसके बाद उन्होंने यूरोपियन T20 प्रतियोगिता यानी ETPL में एम्स्टर्डम फ्लेम्स के साथ करार किया है। अब अपने संन्यास और उसके बाद मिले संदेशों को लेकर रहाणे ने खुलकर बात की है।

रहाणे के मुताबिक, सचिन तेंदुलकर ने उनसे फोन पर कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह अभी कुछ और समय तक क्रिकेट खेलेंगे। हालांकि, रहाणे ने साफ कर दिया कि वह सिर्फ करियर को खींचने के लिए मैदान पर बने नहीं रहना चाहते थे। उनका मानना था कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और अब संन्यास लेने का समय सही था। रहाणे ने बताया कि सचिन के अलावा इरफान पठान ने भी उन्हें फोन किया। वहीं चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने उन्हें संदेश भेजकर शुभकामनाएं दीं। रहाणे ने कहा कि उन्होंने सभी को एक ही बात बताई कि वह अपने फैसले से संतुष्ट हैं, क्योंकि उन्होंने खेल के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया।

संन्यास का वीडियो बनाते वक्त नम थी आंखें 

रहाणे के लिए संन्यास की घोषणा करना भावनात्मक पल था। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में वह अपने इंटरनेशनल करियर के अंत की बात करते हुए काफी भावुक नजर आए थे। बाद में उन्होंने बताया कि वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद वह काफी रोए थे। रहाणे ने कहा कि परिवार के साथ संन्यास को लेकर बातचीत के दौरान भी वह भावुक हुए थे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि कैमरे के सामने इस फैसले की बात करना उन्हें इतना प्रभावित करेगा। वीडियो रिकॉर्ड करते समय उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि अब वह उस चीज को नियमित रूप से नहीं कर पाएंगे, जिसे उन्होंने इतने सालों तक दिल से प्यार किया।

रहाणे की कप्तानी में मिली थी ऐतिहासिक जीत

रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 ODI और 20 T20I मुकाबले खेले। उनके नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 8000 से ज्यादा रन हैं। उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी मैच 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला था। रहाणे के इंटरनेशनल करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की जीत शामिल है। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में रहाणे ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी संभाली थी। उस दौरे पर टीम को खिलाड़ियों की चोटों से लगातार जूझना पड़ा, लेकिन रहाणे की कप्तानी में भारत ने शानदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर 2-1 से सीरीज में मात दी।

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