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Sattu Roti Recipe: सत्तू की रोटी बनाने में आटा और स्टफिंग दोनों का बैलेंस जरूरी है. गुनगुने पानी से आटा गूंथने और उसे रेस्ट देने से रोटी फटती नहीं है. स्टफिंग में सही नमी होना बहुत जरूरी है. हल्के हाथ से बेलने और मीडियम आंच पर सेकने से रोटी फूली बनती है. छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर आप सॉफ्ट और टेस्टी सत्तू रोटी बना सकते हैं.
सत्तू की रोटी रेसिपी
Sattu Roti Recipe: गर्मियों के मौसम में अगर खाने में सत्तू की रोटी मिल जाए तो मजा ही अलग होता है. उत्तर भारत खासकर बिहार और यूपी में सत्तू की रोटी या लिट्टी का स्वाद हर घर में पसंद किया जाता है. यह सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि सत्तू शरीर को ठंडक देता है और प्रोटीन से भरपूर होता है. लेकिन जितना आसान यह सुनने में लगता है, उतना आसान इसे बनाना नहीं होता. कई लोगों की शिकायत रहती है कि उनकी सत्तू की रोटी बेलते समय फट जाती है या तवे पर सिकने के बाद सख्त हो जाती है. ऐसे में पूरा मजा खराब हो जाता है.
असल में सत्तू की रोटी बनाने में छोटी छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. अगर आटा सही न गूंथा जाए या स्टफिंग का बैलेंस सही न हो, तो रोटी परफेक्ट नहीं बनती. कुकिंग एक्सपर्ट पायल सिंह ने सत्तू की रोटी को गुब्बारे की तरह फुलाने और रुई जैसा मुलायम बनाने का आसान तरीका बताया है. इस तरीके में आटे की तैयारी से लेकर बेलने और सेकने तक हर स्टेप बहुत अहम होता है. अगर आप इन बातों को सही से फॉलो करेंगे, तो आपकी सत्तू की रोटी हर बार परफेक्ट बनेगी.
आटा गूंथने का सही तरीका
सत्तू की रोटी का बेस उसका आटा होता है. अगर आटा सही नहीं होगा, तो रोटी कभी भी अच्छी नहीं बनेगी. गेहूं के आटे में एक चुटकी नमक और एक चम्मच देसी घी या तेल जरूर मिलाएं. इसके बाद गुनगुने पानी से आटा गूंथें. ध्यान रखें कि आटा ज्यादा सख्त न हो और न ही बहुत ढीला हो. आटा गूंथने के बाद उसे कम से कम 15 से 20 मिनट के लिए ढककर रखें. इससे आटा सेट हो जाता है और बेलते समय रोटी फटती नहीं है.
स्टफिंग का स्वाद बनाता है खास
सत्तू की रोटी का असली मजा उसकी स्टफिंग में होता है. सत्तू में बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और अदरक लहसुन डालें. इसके साथ नमक, हल्दी, लाल मिर्च और अजवाइन मिलाएं. अगर आप चाहें तो थोड़ा नींबू रस या अचार का मसाला भी डाल सकते हैं. इससे स्टफिंग का स्वाद और भी चटपटा हो जाता है.
स्टफिंग में नमी का सही बैलेंस
सत्तू सूखा होता है, इसलिए अगर उसमें नमी सही नहीं होगी तो रोटी बेलते समय फट जाएगी. स्टफिंग में अचार का मसाला डालने से उसमें नमी आ जाती है. अगर फिर भी सूखा लगे तो थोड़ा सा पानी छिड़कें. ध्यान रखें कि स्टफिंग गीली न हो, बस इतनी हो कि दबाने पर एक साथ बनी रहे.
लोई बनाना और भरना सीखें सही तरीके से
जब आटा तैयार हो जाए, तो उसकी मीडियम साइज की लोई बनाएं. अब उसे हथेली से दबाकर बीच में जगह बनाएं और उसमें सत्तू का मसाला भरें. इसके बाद आटे को ऊपर से बंद करें और हल्के हाथ से सील करें. अगर किनारे सही से बंद नहीं होंगे, तो बेलते समय रोटी फट सकती है.
बेलने की सही तकनीक
सत्तू की रोटी बेलते समय सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली चीज यही है. लोई को हल्का सा सूखा आटा लगाकर पहले हाथ से दबाएं, फिर बेलन से बहुत हल्के हाथ से बेलें. हमेशा किनारों से बेलना शुरू करें और बीच में आएं. ज्यादा जोर लगाने से रोटी फट जाती है और फूलती भी नहीं है.
मीडियम आंच पर करें सही सिकाई
रोटी को सेंकने के लिए लोहे का तवा सबसे अच्छा होता है. तवे को मीडियम आंच पर गर्म करें. पहले एक साइड से हल्की चित्तियां आने दें, फिर पलटें. दूसरी तरफ से भी अच्छे से सेंकें. आप चाहें तो थोड़ा घी लगा सकते हैं. रोटी को हल्के से दबाते हुए सेकें, इससे वह गुब्बारे की तरह फूलती है और अंदर से पूरी तरह पकती है.
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मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।…और पढ़ें