Moringa Chutney Recipe: आजकल लोग हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए अपनी डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ पोषण से भी भरपूर हों. ऐसे ही सुपरफूड्स में मोरिंगा यानी सहजन का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है. इसकी पत्तियां विटामिन, कैल्शियम, आयरन, फाइबर और कई जरूरी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर मानी जाती हैं. यही वजह है कि पोषण विशेषज्ञ भी समय-समय पर इसे भोजन में शामिल करने की सलाह देते हैं. हालांकि ज्यादातर लोग मोरिंगा की सब्जी या पराठे बनाकर खाते हैं, लेकिन इसकी चटनी भी बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है. खास बात यह है कि यह चटनी बहुत कम समय में तैयार हो जाती है और रोज के खाने को नया स्वाद देने का काम करती है.

मोरिंगा चटनी क्यों है खास
मोरिंगा चटनी सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि सेहत के लिए भी अच्छी मानी जाती है. इसमें इस्तेमाल होने वाली मूंगफली, चना दाल, उड़द दाल, लहसुन और इमली इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देते हैं. यह चटनी खट्टे, तीखे और हल्के सोंधे स्वाद का शानदार मिश्रण होती है. इसे दाल चावल, पराठा, इडली, डोसा या साधारण रोटी के साथ भी खाया जा सकता है.

चटनी बनाने के लिए किन चीजों की जरूरत होगी
इस हेल्दी चटनी को बनाने के लिए ताजी मोरिंगा की पत्तियां, मूंगफली, चना दाल, उड़द दाल, जीरा, लहसुन, कश्मीरी लाल मिर्च, हरी मिर्च, इमली, नमक और थोड़ा सा तेल चाहिए. ये सभी सामग्री आसानी से रसोई में मिल जाती हैं और इन्हीं की मदद से स्वादिष्ट चटनी तैयार होती है.

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दाल और जीरे को भूनने से आती है खुशबू
चटनी की शुरुआत तड़के से होती है. सबसे पहले एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर उसमें जीरा डालें. इसके बाद चना दाल और उड़द दाल डालकर मध्यम आंच पर भूनें. जब दालों का रंग हल्का सुनहरा होने लगे तो समझ जाएं कि वे तैयार हैं. यह स्टेप चटनी में सोंधापन और हल्का कुरकुरापन जोड़ता है.

मूंगफली और मसालों से बढ़ता है स्वाद
दालों के भुन जाने के बाद उसमें मूंगफली डालें. मूंगफली चटनी को गाढ़ापन और शानदार टेक्सचर देती है. इसके साथ लहसुन की कलियां, कश्मीरी लाल मिर्च और हरी मिर्च डालकर कुछ मिनट तक भूनें. जब मूंगफली हल्की सुनहरी हो जाए और मसालों की खुशबू आने लगे तो अगला स्टेप शुरू करें.

मोरिंगा की पत्तियों को ज्यादा न पकाएं
अब पैन में मोरिंगा की ताजी पत्तियां डालें. इन्हें बहुत ज्यादा देर तक नहीं पकाना चाहिए क्योंकि ज्यादा पकाने से इनके पोषक तत्व कम हो सकते हैं. पत्तियों को केवल तब तक भूनें जब तक वे नरम न हो जाएं. इस प्रक्रिया से उनका कच्चापन दूर हो जाता है और स्वाद भी बेहतर हो जाता है.

इमली और नमक से आता है संतुलित स्वाद
जब मोरिंगा की पत्तियां अच्छी तरह नरम हो जाएं तो उसमें इमली का पल्प और स्वादानुसार नमक डालें. इमली की खटास मोरिंगा के हल्के कसैलेपन को संतुलित कर देती है. यही वजह है कि चटनी का स्वाद और भी ज्यादा मजेदार हो जाता है. कुछ मिनट तक मिलाने के बाद गैस बंद कर दें.

ठंडा होने के बाद ही पीसें
कई लोग गर्म मिश्रण को सीधे मिक्सर में डाल देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद मिक्सर जार में डालकर जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी मिलाएं और बारीक या दरदरा पीस लें. आपकी स्वादिष्ट मोरिंगा चटनी तैयार है.

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