sabudana vada recipe: साबूदाना वड़ा ऐसा स्नैक है जिसे व्रत के दिनों के साथ-साथ सामान्य दिनों में भी बड़े चाव से खाया जाता है. बाहर से सुनहरा और कुरकुरा, जबकि अंदर से मुलायम साबूदाना वड़ा हर किसी को पसंद आता है. लेकिन जब लोग इसे घर पर बनाते हैं, तो कई बार मनचाहा स्वाद नहीं मिल पाता. किसी का वड़ा तलते समय टूट जाता है, किसी में जरूरत से ज्यादा तेल भर जाता है, तो किसी का वड़ा बाहर से तो सुनहरा दिखता है लेकिन अंदर से कच्चा रह जाता है. कई बार पूरी मेहनत के बाद भी वह बाजार जैसा कुरकुरा नहीं बनता. इसकी वजह अक्सर कोई बड़ी गलती नहीं होती, बल्कि तैयारी के दौरान होने वाली छोटी-छोटी चूक होती है.
साबूदाना भिगोने का तरीका, आलू की मात्रा, तेल का तापमान और मिश्रण तैयार करने का तरीका जैसी बातें इसके स्वाद और टेक्सचर पर सीधा असर डालती हैं. अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए, तो घर पर भी बिल्कुल बाजार जैसे कुरकुरे और स्वादिष्ट साबूदाना वड़े बनाए जा सकते हैं. आइए जानते हैं वे आसान बातें जो हर बार परफेक्ट साबूदाना वड़ा बनाने में आपकी मदद कर सकती हैं.
साबूदाना सही तरीके से भिगोना सबसे जरूरी
साबूदाना वड़ा बनाने की शुरुआत सही भिगोने से होती है. अगर साबूदाना जरूरत से ज्यादा पानी में भीग जाए, तो वह चिपचिपा हो जाता है. वहीं अगर वह अच्छी तरह नहीं भीगता, तो वड़ा सख्त बन सकता है. इसलिए साबूदाने को उतने ही पानी में भिगोएं जितना वह सोख सके और बाद में उसे कुछ देर ढककर रख दें.
अतिरिक्त पानी बिल्कुल न रहने दें
भीगे हुए साबूदाने में अगर पानी बचा रह जाए, तो मिश्रण ढीला हो जाता है. इससे वड़े तलते समय टूट सकते हैं और ज्यादा तेल भी सोख लेते हैं. इसलिए साबूदाने को छलनी में रखकर अच्छी तरह पानी निकाल लें और कुछ देर खुला छोड़ दें.
आलू की मात्रा संतुलित रखें
उबला हुआ आलू साबूदाना वड़े को बांधने का काम करता है. लेकिन अगर आलू बहुत ज्यादा होगा, तो वड़ा भारी और नरम बन जाएगा. वहीं बहुत कम आलू होने पर मिश्रण बिखर सकता है. इसलिए दोनों चीजों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है.
मूंगफली को सही तरीके से इस्तेमाल करें
भुनी हुई और दरदरी पिसी मूंगफली साबूदाना वड़े का स्वाद और कुरकुरापन बढ़ा देती है. अगर मूंगफली कच्ची या बहुत बारीक पीसी हुई होगी, तो स्वाद भी कम आएगा और टेक्सचर भी वैसा नहीं बनेगा.
मिश्रण को ज्यादा देर तक न गूंधें
सभी सामग्री मिलाने के बाद मिश्रण को हल्के हाथ से तैयार करें. जरूरत से ज्यादा गूंधने पर साबूदाने के दाने टूटने लगते हैं और मिश्रण चिपचिपा हो जाता है. इससे वड़े का कुरकुरापन कम हो सकता है.
वड़े एक जैसे आकार में बनाएं
अगर कोई वड़ा मोटा और कोई पतला होगा, तो तलते समय सभी एक साथ नहीं पकेंगे. इसलिए कोशिश करें कि सभी वड़े लगभग एक जैसे आकार और मोटाई के हों. इससे सभी वड़े समान रूप से कुरकुरे बनेंगे.
तेल का तापमान सही रखें
बहुत तेज गर्म तेल में वड़े जल्दी लाल हो जाते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे रह सकते हैं. वहीं कम गर्म तेल में वड़े ज्यादा तेल सोख लेते हैं. इसलिए मध्यम आंच पर तलना सबसे अच्छा माना जाता है.
तलने से पहले थोड़ा आराम दें
वड़े का आकार देने के बाद उन्हें कुछ मिनट के लिए प्लेट में रख दें. इससे मिश्रण थोड़ा सेट हो जाता है और तलते समय टूटने की संभावना कम हो जाती है. यह छोटा सा तरीका बेहतर रिजल्ट दे सकता है.
सही तरीके से तलने पर मिलेगा बेहतर स्वाद
एक बार में बहुत ज्यादा वड़े तेल में न डालें. इससे तेल का तापमान कम हो जाता है और वड़े कुरकुरे बनने की बजाय नरम हो सकते हैं. थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तलने से हर वड़ा अच्छी तरह पकता है.