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सावन की बारिश में बढ़ता है इस खस्ता मिठाई का स्वाद, महिलाओं की पहली पसंद

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Rajasthan Sawan Special Sweet: बारिश की बूंदों के साथ इस खास मिठाई का स्वाद बढ़ जाता है. सावन में मिठाई बाजार पर राजस्थान का यह खास जायका छाया रहता है. और महिलाओं में इसका खास क्रेज देखने को मिलता है. जितनी अच्छी बारिश उतना ही इस मिठाई का कुरकुरी टेस्टी लगती है.

राजस्थान की मिठाइयों का स्वाद देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है. यहां हर मौसम के साथ खान-पान का रंग भी बदल जाता है. गर्मियों में ठंडी मिठाइयां पसंद की जाती हैं तो सर्दियों में गर्म तासीर वाले पारंपरिक पकवानों की मांग बढ़ जाती है. वहीं, सावन और बारिश के मौसम की बात हो तो सबसे पहले जिस मिठाई का नाम जुबां पर आता है, वह है घेवर.

मधुमक्खी के छत्ते जैसी बनावट और ऊपर से चाशनी की मीठी परत लिए घेवर देखने में जितना आकर्षक लगता है, स्वाद में उतना ही खास होता है. सावन के महीने में मिठाई की दुकानों पर इसकी मांग अचानक बढ़ जाती है. खासकर महिलाओं के बीच घेवर का अलग ही क्रेज देखने को मिलता है.

घेवर को राजस्थान की बारिश की खास मिठाई कहना गलत नहीं होगा. पारंपरिक तरीके से बनने वाले घेवर की खासियत उसकी जालीदार बनावट और खस्ता स्वाद में होती है. यही वजह है कि बरसात के मौसम में इसका स्वाद लोगों को सबसे ज्यादा भाता है. सावन महीने में इसकी माँग भी मिठाई बाजारों में जबरदस्त रहती है.

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करौली के घेवर के प्रसिद्ध हलवाई विनोद गर्ग कहते है कि है कि मौसम में नमी और ठंडक होने पर घेवर की बनावट बेहतर आती है. यही कारण है कि सावन शुरू होते ही मिठाई की दुकानों पर कारीगर घेवर तैयार करने में जुट जाते हैं. बाजार में सादा घेवर के साथ मलाई घेवर और मावे वाले घेवर की भी इस मौसम में सबसे ज्यादा मांग बनी रहती है.

राजस्थान में तीज और सावन के त्योहारों से भी इस खास मिठाई का रिश्ता भी काफी पुराना है. हरियाली तीज के मौके पर महिलाएं एक-दूसरे को घेवर खिलाती हैं और मायके से ससुराल तक मिठाई के रूप में इसे भेजने की परंपरा कई जगह आज भी देखने को मिलती है.
सावन के दौरान जब बाजार में घेवर की दुकानें सजती हैं तो इसकी खुशबू और आकर्षक बनावट लोगों को अपनी ओर खींचती है. कई लोग सालभर इसके आने का इंतजार करते हैं और बारिश शुरू होते ही इसका स्वाद लेने पहुंच जाते हैं.

घेवर की खास बात यह भी है कि इसका असली रंग सावन-बारिश के दौरान ही देखने को मिलता है. यही वजह है कि मिठाई कारोबारी भी इस मौसम का बेसब्री से इंतजार करते हैं. सावन, तीज और रक्षाबंधन के आसपास इसकी बिक्री में खासा इजाफा देखने को मिलता है. सबसे खास बात यें कि घेवर महिलाओं की सबसे पसंदीदा मिठाईयों में से एक है.

घेवर का स्वाद बारिश पर निर्भर होता है. इसी वजह से यह मिठाई सावन महीने की खास मिठाई कहीं जाती है. राजस्थान के बड़े शहरों में तो अब यह मिठाई सालभर उपलब्ध हो जाती है. लेकिन, राजस्थान के करौली में यह मिठाई बारिश के दौरान और मुश्किल से सावन के महीने में ही बन पाती है.

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