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Chakoda Bhaji Benefits Recipe: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बारिश के मौसम में उगने वाला जंगली पौधा ‘चकौड़ा’ औषधीय गुणों की खान है. वैज्ञानिक नाम ‘कैसिया टोरा’ वाले इस पौधे की कोमल पत्तियों से स्वादिष्ट भाजी बनती है. 80 वर्षीय शरीफन अम्मा ने इसे बनाने की बेहद आसान विधि साझा की है.

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Chhatarpur News: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बारिश के मौसम में सड़क किनारे या खेतों में एक खास जंगली पौधा उगता है. इस पौधे को लोग ढूंढ-ढूंढ कर लाते हैं और बड़े चाव से खाते हैं. दरअसल, इस जंगली पौधे का नाम ‘चकौड़ा’ है. स्थानीय लोग इसकी पत्तियों की स्वादिष्ट भाजी बनाकर खाते हैं. छतरपुर में यह भाजी सदियों से खाई जा रही है.

बारिश की पहली फुहार के साथ हरा-भरा होता है इलाका
जैसे ही धरती पर बारिश की पहली फुहार पड़ती है, चकौड़ा का पौधा अपने-आप खेतों और जंगलों में उग जाता है. यह पौधा देखते ही देखते पूरे इलाके को हरा-भरा कर देता है. चकौड़ा को अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. इसे लोग चकउरा, कचौड़ा, चिरौठी और चाकुंदा जैसे कई नामों से पुकारते हैं. संस्कृत में इसे ‘चक्रमर्द’ कहा जाता है. वहीं, इसका वैज्ञानिक नाम ‘कैसिया टोरा’ है.

आयुर्वेद में बड़ी मांग, पर विलुप्ति का खतरा
इस जंगली पौधे में कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं. यही वजह है कि आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने में इसका बड़े पैमाने पर उपयोग होता है. आज के समय में देश की बड़ी-बड़ी आयुर्वेद कंपनियों में चकौड़ा की कोमल पत्तियों की अच्छी-खासी डिमांड है. हालांकि, यह उपयोगी और औषधीय पौधा अब धीरे-धीरे विलुप्ति की कगार पर पहुंच गया है, इसलिए इसकी सुरक्षा और पहचान बेहद जरूरी हो गई है.

80 साल की अम्मा ने बताई भाजी बनाने की विधि
80 वर्षीय शरीफन बताती हैं कि इस भाजी को बनाना बहुत ही आसान है. जब बरसात के मौसम में चकौड़ा की पत्तियां बेहद मुलायम और कोमल होती हैं, तभी इसकी भाजी बनाई जाती है. चकौड़ा भाजी बनाने की पूरी विधि…

1. पत्तियों का चयन: भाजी बनाने के लिए केवल छोटे और कोमल पौधों की पत्तियां ही तोड़ी जाती हैं. ध्यान रहे कि पौधे में फूल न खिले हों.
2. सफाई और कटाई: तोड़ी गई पत्तियों को सबसे पहले साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इसके बाद पत्तियों को बारीक काट लें. साथ ही प्याज और हरी मिर्च भी काट कर रख लें.
3. उबालना: भाजी या साग बनाने से पहले कटी हुई चकौड़ा की पत्तियों को पानी में उबाला जाता है.
4. बघार लगाना: उबलने के बाद भाजी को तेल, कटी हुई प्याज और मिर्च के साथ अच्छी तरह बघार लें.

आपकी स्वादिष्ट और औषधीय चकौड़ा भाजी तैयार है. यह खाने में बेहद स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद होती है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…

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