सीतामढ़ी: जिले के डुमरा थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां शनिवार सुबह अपराधियों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की सदस्य के पति और जिला परिषद प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना रामपट्टी चौक स्थित श्मशान घाट के पास की बताई जा रही है। हत्या की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी मच गई।

जानकारी के अनुसार, बैद्यनाथ महतो शनिवार की सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान श्मशान घाट के पास घात लगाए बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डुमरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों ने किया हंगामा

वहीं बैद्यनाथ महतो की हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर एसपी अमित रंजन भी पहुंच गए। इस दौरान सदर डीएसपी, सदर SDM आनंद कुमार के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों की भीड़ ने पुलिस से धक्का-मुक्की की। इस दौरान इंस्पेक्टर अनिल कुमार घायल भी हो गए। वहीं भीड़ ने पुलिस को दौड़ा भी लिया। भीड़ ने एक आरोपी एजाज के मुर्गी फार्म को आग लगा दिया है।

पहले भी जताया था जान का खतरा

बताया जा रहा है कि मृतक बैद्यनाथ महतो ने कुछ दिन पहले ही अपने ऊपर फायरिंग और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया था। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी और कहा था कि आरोपी लगातार उनके ऊपर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं।

पहले भी प्रदर्शन कर चुके हैं कार्यकर्ता

वहीं कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर 7 सितंबर को सैकड़ों की संख्या में लोग डुमरा थाना पहुंचे थे और जमकर हंगामा किया था। इस दौरान थाना के जांच अधिकारी (IO) पर पैसे लेने का गंभीर आरोप भी लगाया गया था। प्रदर्शनकारियों और बैद्यनाथ महतो ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। 

घटना की जांच में जुटी पुलिस

इस घटना के महज कुछ दिनों बाद ही बैद्यनाथ महतो की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या पूर्व में लगाए गए आरोपों से जुड़े किसी विवाद की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही मामले का खुलासा किया जाएगा। (इनपुट- सौरभ)

यह भी पढ़ें-

गणेश उत्सव में 10 दिन की शराब बंदी क्यों? हाई कोर्ट ने लगाई फटकार, प्रशासन को बदलना पड़ा फैसला





Source link

Write A Comment