आजकल स्किन केयर रूटीन में सैलिसिलिक एसिड और ग्लाइकोलिक एसिड के इस्तेमाल का चलन खूब बढ़ा है। दरअसल, यह दोनों ही बेहतरीन केमिकल एक्सफोलिएंट हैं, जो त्वचा की अलग-अलग समस्याओं को दूर करने में बेहद मददगार हैं। लेकिन इनका इस्तेमाल कब और किस तरह के स्किन के लिए करना चाहिए? सरीन वेलनेस के फाउंडर और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर अंकुर सरीन ने अपने यू ट्यूब पर वीडियो शेयर कर यह बताया है कि स्किनकेयर रूटीन में इन्हें कब और कैसे इस्तेमाल करना चाहिए।
सैलिसिलिक एसिड का कब करना चाहिए इस्तेमाल?
सैलिसिलिक एसिड को पोर्स, व्हाइट हेड्स, ब्लैक हेड्स, ऑयली स्किन और एक्ने प्रोन स्किन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, सैलिसिलिक एसिड ऑयली और एक्ने-प्रोन स्किन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह त्वचा के पोर्स के अंदर जमा अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने में मदद करता है। इसके इस्तेमाल से बंद पोर्स, व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। नियमित और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह स्किन को ज्यादा साफ और स्मूद दिखाने में भी मदद कर सकता है।
ग्लाइकोलिक एसिड का कब करना चाहिए इस्तेमाल?
ग्लाइकोलिक एसिड का इस्तेमाल स्किन की अनइवेन टोन में सुधार लाने और डी टैन को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाकर, रंगत में सुधार करता है। आप इसका इस्तेमाल रोजाना रात को सोने से पहले करें। साथ ही यह ब्राइटनेस, फाइन लाइन, कोलेजन बूस्टिंग, रिंकल्स की परेशानी को दूर करने में मदद करता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
इन दोनों एसिड का इस्तेमाल करते समय अपनी स्किन टाइप और स्किन की जरूरत का ध्यान रखना जरूरी है। इन्हें जरूरत से ज्यादा या बार-बार लगाने से त्वचा में जलन, लालिमा और ड्राईनेस हो सकती है। शुरुआत में कम मात्रा और कम फ्रीक्वेंसी से इस्तेमाल करें। साथ ही, एसिड लगाने के दौरान दिन में सनस्क्रीन जरूर लगाएं, क्योंकि त्वचा धूप के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।