नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार देर शाम ऐलान किया कि उनका अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल फिलहाल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के “संसद चलो” मार्च के दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है। वे तब तक उपवास जारी रखेंगे जब तक युवा नेताओं को सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं मिल जाती या उन्हें खुद अस्पताल से ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाती।
हस्तलिखित बयान जारी किया
सफदरजंग अस्पताल से जारी एक हस्तलिखित बयान में वांगचुक ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे देखते हुए उनका अनशन जारी रखना जरूरी हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने अपने बयान में कहा, “शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता बरती जा रही है, उसे देखते हुए मैंने तब तक अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है, जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं मिल जाती या मुझे उनसे यहीं अस्पताल में मिलने की अनुमति नहीं दी जाती।”
सांसदों से मिलने का अवसर दिया जाए
सोनम वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों की सराहना की और कहा कि उकसावे के बावजूद युवाओं ने शांति और संयम बनाए रखा। वांगचुक ने सरकार और पुलिस से अपील की कि छात्रों को संसद के सामने अपनी बात रखने और सांसदों से मिलने का अवसर दिया जाए। उनका कहना था कि यदि ऐसा होता है तो पूरे आंदोलन के दौरान शांति बनी रहेगी।
इससे पहले वांगचुक ने कहा था कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों की जिम्मेदारी स्वीकार करती है या राजनीतिक दल यह भरोसा देते हैं कि संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा होगी, तो वह अपना अनशन समाप्त करने पर विचार करेंगे। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के बाद उन्होंने अपना फैसला बदलते हुए भूख हड़ताल जारी रखने की घोषणा कर दी।
सोनम वांगचुक की तबीयत फिलहाल स्थिर
बता दें कि सोनम वांगचुक का इलाज अभी भी सफदरजंग अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी तबीयत फिलहाल स्थिर है। ब्लड शुगर अभी भी सामान्य से कम है, लेकिन बाकी ब्लड रिपोर्ट में सुधार देखा गया है। ORS और पोटैशियम सिरप देने से उनकी हालत में सुधार हुआ है। सफदरजंग अस्पताल और AIIMS के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि डिहाइड्रेशन से पूरी तरह उबरने और किसी भी जटिलता से बचने के लिए लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है। अस्पताल में उन्हें जरूरी सभी मेडिकल सुविधाएं दी जा रही हैं। आगे का इलाज उनकी सेहत में सुधार और आने वाली जांच रिपोर्टों के आधार पर तय किया जाएगा। बता दें कि सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर 28 जून से अनशन कर रहे थे। इस बीच शनिवार को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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