ओडिशा के पुरी जिले से अपराध और हत्या की एक खौफनाक वारदात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, पुरी जिले के कनास इलाके में सोने की मूर्ति और गहनों के लालच में एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। शख्स के हाथ-पैर चारपाई से बांधकर उसे जिंदा जला दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान परशुराम प्रधान के रूप में हुई है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, यह घटना 11 अगस्त को कनास थाना क्षेत्र के मंदराबस्त गांव में हुई थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने परशुराम के हाथ-पैर चारपाई से बांधे और फिर उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी। पुलिस ने हत्या के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खुर्दा जिले के तापंग निवासी राजकिशोर साहू और सुरेश साहू तथा केंद्रापड़ा निवासी सत्यव्रत मल्लिक के रूप में हुई है। पुलिस अब मामले में आरोपियों की भूमिका और हत्या से पहले तथा बाद में हुई घटनाओं की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।

क्या था हत्या का कारण?

अब तक के पुलिस की जांच के अनुसार, इस मामले की शुरुआत एक अलग विवाद से हुई थी। बताया जा रहा है कि राजकिशोर साहू ने शुरुआत में परशुराम प्रधान से अपने भाई के प्रेम संबंध को खत्म करवाने में मदद मांगी थी। इस काम के लिए राजकिशोर ने परशुराम को 19 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद मामले में सोने की मूर्ति और गहनों का लालच जुड़ गया।

पुरी के एसपी प्रतीक सिंह के मुताबिक, बाद में परशुराम ने राजकिशोर को बताया कि जमीन के एक हिस्से में एक बर्तन दबा हुआ है, जिसमें सोने की मूर्ति और गहने रखे हुए हैं। इस दावे के बाद राजकिशोर कथित तौर पर उस सामान को निकालने के लिए तैयार हो गया। इस सिलसिले में परशुराम ने राजकिशोर से करीब 2 लाख रुपये लिए। राजकिशोर को उम्मीद थी कि जमीन से सोने की मूर्ति और गहने मिलने के बाद उसे फायदा होगा।

Image Source : REPORTERपुलिस कर रही आरोपियों की भूमिका की जांच।

हालांकि, जब बताए गए स्थान पर खुदाई की गई तो कथित तौर पर सोने की मूर्ति और गहने नहीं मिले। इसके बाद राजकिशोर ने परशुराम से अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। पुलिस का कहना है कि परशुराम कथित तौर पर रकम वापस नहीं कर पाया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।


पैसे वापस नहीं मिलने के बाद राजकिशोर ने सुरेश साहू और सत्यव्रत मल्लिक के साथ मिलकर परशुराम की हत्या की योजना बनाई। आरोप है कि तीनों इसके बाद परशुराम के पास पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर परशुराम के हाथ-पैर एक चारपाई से बांध दिए। इसके बाद उस पर  केरोसिन डाला गया और आग लगा दी गई। इस घटना में परशुराम की मौत हो गई। बता दें कि इससे पहले ओडिशा के कंधमाल जिले में भी खेती करने से रोकने पर दो भतीजों ने चाचा की हत्या कर दी थी।

कैसे पकड़े गए आरोपी?

पुरी में हुई अपराध की इस घटना की जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने तीन संदिग्ध आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुरी एसपी प्रतीक सिंह ने बताया कि हत्या के मामले की जांच के दौरान तीनों आरोपियों की पहचान हुई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस हत्या की पूरी घटना की कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई और घटना में तीनों आरोपियों की क्या-क्या भूमिका थी। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, पैसे और कथित तौर पर सोने की मूर्ति एवं गहनों के लालच से जुड़ा विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि मामला हत्या तक पहुंच गया। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में घटनाओं के सही क्रम तथा प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच जारी है। (रिपोर्ट: शुभम कुमार)

ये भी पढ़ें- पत्नी वापस आ जाए इसीलिए दे दी नरबलि! सिर काटकर पूजा घर में दफनाया, तालाब में फेंक दिया शरीर

मालिक से विवाद हुआ तो JCB ही लेकर भाग गया ड्राइवर, कई थानों की पुलिस करती रही पीछा; बैरिकेड्स तोड़कर हुआ फरार





Source link

Write A Comment