अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े अपडेट्स सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। फेडरल रिजर्व के फैसले के अलावा निवेशक अमेरिका के उपभोक्ता विश्वास, महंगाई आंकड़े, साप्ताहिक बेरोजगारी दावों और बैंक ऑफ इंग्लैंड तथा बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक समीक्षा बैठकों की घोषणाओं पर भी नजर रखेंगे।
अमेरिका-ईरान संबंध और कच्चे तेल की कीमतें प्रभावित करेंगी सोने-चांदी की कीमतें
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतिन त्रिवेदी ने कहा, “29 जुलाई को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीति निर्णय से पहले बाजार की धारणा अमेरिका-ईरान की भू-राजनीतिक स्थिति में घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों की दिशा और उनके महंगाई संबंधी अपेक्षाओं पर पड़ने वाले असर से प्रभावित होती रहेगी।”
पिछले हफ्ते तेजी के साथ बंद हुआ था सोना-चांदी का भाव
MCX पर पिछले हफ्ते अगस्त की डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 2,200 रुपये यानी 1.6 प्रतिशत बढ़कर 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, सितंबर में डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव 5,735 रुपये यानी 2.7 प्रतिशत चढ़कर 2.22 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में न्यूयॉर्क के कॉमेक्स पर अगस्त की डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 52 डॉलर यानी 1.3 प्रतिशत बढ़कर 4,070.8 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, सितंबर कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी करीब 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58.90 डॉलर प्रति औंस पर रही।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से बढ़े सोने-चांदी के दाम
जानकारों के अनुसार, पिछले सप्ताह सर्राफा में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया, क्योंकि ब्रेंट क्रूड कुछ समय के लिए 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के पार चला गया। ये तेजी हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी स्वामित्व वाले जहाजों पर हमलों के बाद सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं के चलते आई।
चीन ने मई में भी जारी रखी सोने की खरीद
मिराए एसेट शेयरखान में कमोडिटी मामलों के प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि ईरान से जुड़े घटनाक्रमों पर फोकस के बीच सोना और चांदी सीमित दायरे में कारोबार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चीन का केंद्रीय बैंक मई में भी सोने की खरीद जारी रखे हुए है, जिससे आधिकारिक मांग को मजबूती मिल रही है।
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