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स्ट्रीट फूड के शौकीन? तो गोरखपुर की धर्मशाला का यह मशहूर जायका जरूर चखें

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गोरखपुर में खाने-पीने की कई मशहूर जगहें हैं, लेकिन धर्मशाला का स्वाद सबसे अलग माना जाता है. यहां के समोसे, कचौड़ी, इमली-गुड़ की खास चटनी और लौंग लता वर्षों से लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. अगर आप गोरखपुर के असली जायके का अनुभव करना चाहते हैं, तो यह जगह आपकी फूड लिस्ट में जरूर होनी चाहिए.

गोरखपुर में खाने-पीने की कई मशहूर जगहें हैं, लेकिन धर्मशाला का स्वाद अपनी अलग पहचान रखता है. यहां के समोसे, कचौड़ी, इमली की चटनी और लौंग लता का स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. यही वजह है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले फूड लवर्स भी इन व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए यहां बार-बार पहुंचते हैं.

धर्मशाला के समोसे की सबसे बड़ी खासियत इसकी कुरकुरी परत है. इसे धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तला जाता है, जिससे हर निवाले में बेहतरीन करारापन महसूस होता है. बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम यह समोसा अपनी खास बनावट और स्वाद के कारण लोगों की पहली पसंद बन चुका है. यही वजह है कि इस स्वाद का आनंद लेने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं.

धर्मशाला के समोसे की स्टफिंग भी इसे खास बनाती है. इसमें आलू के चोखे के साथ विशेष मसालों का संतुलित मिश्रण और कुछ खास सामग्री मिलाई जाती है, जो इसके स्वाद को सामान्य समोसे से अलग पहचान देती है. यही अनोखा स्वाद और मसालों का बेहतरीन मेल इस समोसे को लोगों की पहली पसंद बनाता है.

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धर्मशाला की इमली और गुड़ से तैयार होने वाली चटनी यहां के स्वाद की सबसे बड़ी पहचान मानी जाती है. मीठे और खट्टे स्वाद का बेहतरीन संतुलन इसे बेहद खास बनाता है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस तरह की चटनी का स्वाद पूरे गोरखपुर में कहीं और आसानी से नहीं मिलता, यही वजह है कि यहां आने वाले लोग समोसे और कचौड़ी के साथ इसका स्वाद लेना नहीं भूलते.

समोसे के बाद यहां सबसे ज्यादा मांग कचौड़ी की रहती है. इसे खास मसालों की स्टफिंग के साथ तैयार किया जाता है, जो इसके स्वाद को अलग पहचान देती है. जब यह गरमागरम कचौड़ी धर्मशाला की मशहूर इमली-गुड़ की चटनी के साथ परोसी जाती है, तो इसका लाजवाब स्वाद लोगों को बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर देता है.

मीठा पसंद करने वालों के लिए धर्मशाला की लौंग लता भी खास आकर्षण का केंद्र है. पारंपरिक तरीके से तैयार की जाने वाली यह मिठाई बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से रसीली होती है. इसकी मनमोहक खुशबू और लाजवाब स्वाद इसे धर्मशाला की सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में शामिल करते हैं, जिसे चखने के लिए लोग खासतौर पर यहां पहुंचते हैं.

शाम के पांच बजे के बाद धर्मशाला का माहौल पूरी तरह बदल जाता है. दुकानों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतारें लग जाती हैं और गर्मागर्म समोसे, कचौड़ी व लौंग लता का स्वाद लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है. परिवार, युवा और बाहर से आने वाले पर्यटक भी यहां पहुंचकर इन मशहूर व्यंजनों का आनंद लेने का इंतजार करते हैं, जिससे यह जगह शाम के समय गोरखपुर के सबसे पसंदीदा फूड स्पॉट्स में शामिल हो जाती है.

धर्मशाला की एक और खासियत यह है कि यहां समोसे और कचौड़ी ग्राहकों के सामने ही धीमी आंच पर ताजा तैयार किए जाते हैं. ताजे व्यंजन, इमली-गुड़ की खास चटनी और पारंपरिक स्वाद का यही अनोखा मेल इस जगह को गोरखपुर के सबसे लोकप्रिय फूड स्पॉट्स में शामिल करता है. अगर आप कभी गोरखपुर आएं, तो यहां के समोसे, कचौड़ी और लौंग लता का स्वाद लेना बिल्कुल न भूलें.

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