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Mau Laung Lata Sweets: पूर्वांचल का मऊ जनपद वैसे तो अपनी कई खास मिठाइयों के लिए मशहूर है, लेकिन इन दिनों यहां के करहा बाजार का एक ‘लौंग लता’ लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है. ₹10 के इस इकलौते लौंग लता में स्वाद का ऐसा ‘त्रिवेणी संगम’ (खोया, इलायची और कुरकुरापन) मिलता है कि लोग मऊ ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले आजमगढ़ से भी खिंचे चले आते हैं. आइए जानते हैं कि श्री स्वीट्स हाउस का यह लौंग लता आखिर इतना खास क्यों है और इसे कैसे तैयार किया जाता है.
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का मऊ जनपद मिठाइयों के लिए काफी प्रसिद्ध माना जाता है, क्योंकि यहां अलग-अलग प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं जो एक अलग ही महत्व रखती हैं. उसी प्रकार से यहां एक लौंग लता मिठाई बनाई जाती है, जो इन दिनों मऊ जनपद के करहा बाजार में हर किसी को पसंद आ रही है. इसकी खास वजह यह है कि इसे एक अलग ही तरीके से बनाया जाता है. आइए जानते हैं क्या है इसकी खासियत.
मऊ मुख्यालय से लगभग 28 किलोमीटर दूर करहा बाजार में ‘श्री स्वीट्स हाउस’ का लौंग लता इन दिनों हर किसी को पसंद आ रहा है. इस लौंग लता को खाने के लिए लोग दूर-दराज से पहुंच जाते हैं, जिसकी खास वजह यह है कि यह लौंग लता काफी चुरचुरा और हल्का मीठा होता है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं क्योंकि इस लौंग लता में खोवे का भी भरपूर स्वाद मिलता है.
दुकानदार इस मिठाई को बनाने की रेसिपी बताते हैं कि इसे बनाने के लिए सबसे पहले मैदे को अच्छे से गूंथा जाता है. गूंथने के बाद इसे कुछ देर तक फूलने के लिए छोड़ दिया जाता है और इस दौरान दूध को अच्छे से जलाकर शुद्ध खोवा तैयार कर लिया जाता है, क्योंकि खोवा ही इस लौंग लता का स्वाद बढ़ाता है. जब मैदा अच्छे से फूल जाता है, फिर उसे लंबे-लंबे आकार में बेलकर काट लिया जाता है.
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जब खोवा तैयार हो जाता है, तो लंबे आकार के कटे हुए मैदे में खोवा, इलायची तथा लौंग का पिसा हुआ बुरादा डालकर इसे लौंग लता का आकार दिया जाता है. फिर उसे गर्म कढ़ाई के तेल में तला जाता है. इसे तब तक तला जाता है जब तक यह पूरी तरह से लाल नहीं हो जाता है. जब यह लाल हो जाता है, तो उसे कढ़ाई से बाहर निकालकर ठंडा होने के लिए रख दिया जाता है.
उसके बाद इस लौंग लता को मीठा करने के लिए चीनी की चाशनी बनाई जाती है. हल्की पानी की तरह चाशनी बनाने के बाद, उसमें लाल तले हुए लौंग लता को डालकर छोड़ दिया जाता है. कुछ देर छोड़ने के बाद जब लौंग लता चाशनी सोख लेता है, तो उसे उससे बाहर निकालकर एक अलग प्लेट में रख दिया जाता है, ताकि लौंग लता खाते समय ज्यादा मीठा न लगे.
हल्के मीठे और चुरचुरेपन के साथ खोवे का स्वाद, यानी तीन स्वाद एक साथ मिलने की वजह से यह लौंग लता काफी स्वादिष्ट लगता है. इसी वजह से लोग इस लौंग लता को खूब पसंद करते हैं. इस स्वाद के दीवाने लोग इसे खाने के लिए मऊ और आजमगढ़ समेत कई जनपदों से चले आते हैं. वैसे तो यह सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक ही मिलता है, क्योंकि यह रोजाना उतना ही बनाया जाता है जितना एक दिन में समाप्त हो जाए.
अगर बात करें इस लौंग लता की कीमत की, तो यह मात्र ₹10 प्रति पीस के हिसाब से मिलता है. लेकिन एक मिठाई में तीन स्वाद मिलने की वजह से लोग इसे खूब पसंद करते हैं. यदि आप इस लौंग लता को एक बार खा लेंगे, तो बार-बार खाने पर मजबूर हो जाएंगे. और होता भी ऐसा ही है, लोग यहाँ खाने से ज्यादा इसे अपने घर के लिए पैक कराकर लेकर जाते हैं.