वर्ल्ड कप में मेडल की रेस से बाहर होने के बाद, इंडियन मेंस हॉकी टीम अपने आखिरी मैच में बेल्जियम से हार गई। इस मुकाबले में हारकर टीम इंडिया 8वें स्थान पर रही। तय समय तक दोनों टीमें 3-3 की बराबरी पर थीं, जिसके बाद फैसला पेनल्टी शूटआउट में हुआ। शूटआउट में बेल्जियम ने भारत को 4-3 से हरा दिया। भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो और अभिषेक ने एक गोल किया, लेकिन बेल्जियम के शानदार गोलकीपर के आगे भारतीय टीम मुकाबला हार गई।

पहले हाफ में टीम इंडिया की धमाकेदार शुरुआत

भारतीय टीम ने मैच की धमाकेदार शुरुआत करते हुए छठे मिनट में ही अभिषेक के गोल से बढ़त बना ली। हालांकि, मैदान पर 11 से ज्यादा खिलाड़ी होने की गलती के कारण कप्तान हरमनप्रीत सिंह को येलो कार्ड मिला और उन्हें 5 मिनट के लिए मैदान से बाहर बैठना पड़ा। पहले क्वार्टर में बेल्जियम को गोल करने के कई मौके (पेनल्टी कॉर्नर) मिले, लेकिन भारतीय डिफेंडर्स ने उन्हें एक भी गोल नहीं करने दिया। पहले हाफ में बेल्जियम की टीम एक भी गोल नहीं कर पाई।

दूसरे क्वार्टर में बेल्जियम ने महज दो मिनट के भीतर दो गोल करके बढ़त हासिल कर ली। खेल के 22वें मिनट में रोमन डुवेकोट ने गोल दागकर स्कोर बराबर किया, और ठीक अगले ही मिनट (23वें मिनट) ह्यूगो लाबूचेर ने पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार गोल करके बेल्जियम को 2-1 से आगे कर दिया। तीसरे क्वाटर की शुरुआत में ही कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने बेहतरीन गोल करके भारत का स्कोर 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया। हालांकि, चौथे क्वार्टर में बेल्जियम ने फिर एक गोल करके 3-2 से बढ़त बना ली। लेकिन मैच खत्म होने से ठीक 20 सेकंड पहले हरमनप्रीत ने दोबारा पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार गोल दागकर मैच को 3-3 से फिर बराबर कर दिया।

पेनल्टी शूटआउट में भारत के 3 खिलाड़ियों ने किए गोल

पेनल्टी शूटआउट में भारत की शुरुआत बेहतरीन रही और शिलानंद, दिलप्रीत व अभिषेक ने शुरुआती तीनों शॉट में गोल दाग दिए। हालांकि आखिरी दो शॉट में हरमनप्रीत और सुखजीत गोल करने से चूक गए। वहीं बेल्जियम के चार खिलाड़ियों ने गोल करके मैच अपने नाम कर लिया, जबकि उनका सिर्फ एक खिलाड़ी ही गोल करने में नाकाम रहा।

दूसरे राउंड में एक भी मैच नहीं जीत पाई भारतीय टीम

51 साल बाद वर्ल्ड कप मेडल जीतने का सपना लेकर उतरी भारतीय टीम की शुरुआत शानदार रही। पहले दौर में वेल्स (3-1) और पाकिस्तान (5-3) को हराने के बाद टीम इंग्लैंड से 2-4 से हार गई। इसके बाद दूसरे दौर में नीदरलैंड्स से 1-3 और अर्जेंटीना से 3-5 से मिली लगातार हार के साथ ही भारत का सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना भी चकनाचूर हो गया। दूसरे दौर में भारतीय टीम एक भी मैच नहीं जीत पाई।

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