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Chicken Cooking Tips: चिकन बनाते समय ज्यादातर लोग मसालों और मेरिनेशन पर ध्यान देते हैं, लेकिन असली स्वाद का राज प्याज की सही मात्रा में छिपा होता है. अगर प्याज ज्यादा या कम हो जाए तो पूरी ग्रेवी का स्वाद बिगड़ सकता है. शेफ के अनुसार 1 किलो चिकन के लिए एक तय मात्रा में प्याज इस्तेमाल करने से चिकन का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. साथ ही कुछ आसान कुकिंग ट्रिक्स भी होटल जैसा स्वाद दिला सकती हैं. आइए जानते हैं चिकन बनाने का सही तरीका और प्याज का परफेक्ट अनुपात.
Chicken Cooking Tips: चिकन भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले नॉनवेज व्यंजनों में से एक है. घर हो, पार्टी हो या फिर किसी खास मौके का खाना, चिकन की कोई न कोई डिश जरूर बनाई जाती है. हालांकि एक बात लगभग हर घर में देखने को मिलती है कि वही मसाले, वही चिकन और वही रेसिपी अपनाने के बावजूद घर का चिकन अक्सर होटल जैसा स्वाद नहीं दे पाता. कई लोग इसका कारण मसालों या कुकिंग तकनीक को मानते हैं, लेकिन खाना बनाने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्वाद में सबसे बड़ा फर्क प्याज की सही मात्रा से पड़ता है. प्याज सिर्फ ग्रेवी को गाढ़ा नहीं बनाती, बल्कि चिकन के स्वाद को भी बेहतर बनाने का काम करती है. अगर इसकी मात्रा संतुलित हो तो साधारण चिकन भी बेहद स्वादिष्ट बन सकता है.
क्यों जरूरी है प्याज का सही अनुपात? चिकन की ज्यादातर ग्रेवी वाली रेसिपी में प्याज सबसे अहम बेस तैयार करती है. जब प्याज को अच्छी तरह भूनकर मसालों के साथ पकाया जाता है तो यह एक गाढ़ी और स्वादिष्ट ग्रेवी बनाती है. लेकिन अगर प्याज बहुत ज्यादा डाल दी जाए तो उसका मीठापन चिकन के असली स्वाद को दबा सकता है. वहीं अगर प्याज कम हो तो मसालों को पकड़ने के लिए मजबूत बेस नहीं बन पाता. यही वजह है कि चिकन बनाते समय प्याज की सही मात्रा का ध्यान रखना बहुत जरूरी माना जाता है.
1 किलो चिकन में कितनी प्याज डालनी चाहिए? कई प्रोफेशनल शेफ और होटल कुक्स के अनुसार 1 किलो चिकन के लिए लगभग 4 मध्यम आकार की प्याज पर्याप्त होती हैं. अगर प्याज का आकार बड़ा है तो 3 प्याज भी काफी हो सकती हैं. इन प्याज को बारीक काटकर या पीसकर इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे ग्रेवी का टेक्सचर अच्छा बनता है और चिकन में एक संतुलित स्वाद आता है. बहुत ज्यादा प्याज डालने से ग्रेवी का स्वाद बदल सकता है और चिकन की खुशबू भी कम महसूस हो सकती है.
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होटल जैसा स्वाद पाने के लिए अपनाएं यह ट्रिक: अगर आप चाहते हैं कि घर का चिकन भी होटल जैसा स्वाद दे, तो प्याज को सीधे मसालों में डालने के बजाय पहले अच्छी तरह सुनहरा भून लें. जब प्याज गोल्डन ब्राउन हो जाए तो उसे निकालकर हल्का ठंडा करें और फिर पीस लें. इस पेस्ट को मसालों के साथ मिलाकर पकाने से ग्रेवी ज्यादा रिच और स्वादिष्ट बनती है. यही ट्रिक कई रेस्टोरेंट और ढाबों में भी अपनाई जाती है. इससे चिकन की ग्रेवी में गहराई आती है और स्वाद लंबे समय तक याद रहता है.
मेरिनेशन भी है बेहद जरूरी: चिकन का स्वाद सिर्फ मसालों और प्याज पर ही निर्भर नहीं करता, बल्कि मेरिनेशन का भी इसमें बड़ा योगदान होता है. अगर चिकन को पकाने से पहले 1 से 2 घंटे तक दही, अदरक-लहसुन पेस्ट, नमक और मसालों के साथ मेरिनेट किया जाए तो उसका स्वाद काफी बेहतर हो जाता है. मेरिनेशन से चिकन अंदर तक मसालों का स्वाद सोख लेता है और पकने के बाद ज्यादा मुलायम और रसदार बनता है.
चिकन धोने के बाद करें यह काम: अक्सर लोग चिकन धोकर सीधे मसाले लगा देते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसा नहीं करना चाहिए. चिकन धोने के बाद उसमें मौजूद अतिरिक्त पानी को साफ कपड़े या टिश्यू पेपर से अच्छी तरह सुखा लेना चाहिए. इससे मसाले चिकन पर बेहतर तरीके से चिपकते हैं और पकने के दौरान स्वाद भी ज्यादा अच्छा आता है.
बोनलेस नहीं, बोन वाला चिकन देता है ज्यादा स्वाद: आजकल बहुत से लोग बोनलेस चिकन खाना पसंद करते हैं, लेकिन अगर बात स्वाद की हो तो बोन वाला चिकन अक्सर ज्यादा बेहतर माना जाता है. पकने के दौरान हड्डियों से निकलने वाला प्राकृतिक रस ग्रेवी में मिल जाता है, जिससे स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं. यही कारण है कि ज्यादातर रेस्टोरेंट और ढाबों में ग्रेवी वाले चिकन के लिए बोन वाला चिकन इस्तेमाल किया जाता है.
छोटी सी गलती बिगाड़ सकती है स्वाद: कई बार लोग सोचते हैं कि महंगे मसाले डालने से ही खाना स्वादिष्ट बनता है, जबकि सच यह है कि स्वाद अक्सर छोटी-छोटी बातों में छिपा होता है. प्याज की सही मात्रा, सही मेरिनेशन, अच्छे से भुना हुआ मसाला और सही आंच पर पकाना ही होटल जैसा स्वाद दिलाने का असली राज है. अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो घर पर बना चिकन भी किसी रेस्टोरेंट से कम नहीं लगेगा.
स्वाद के साथ सेहत भी: चिकन प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है. इसमें शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. साथ ही इसमें लाल मांस की तुलना में कम फैट और कम कैलोरी होती है. अगर इसे संतुलित मात्रा में और सही तरीके से पकाकर खाया जाए तो यह स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है. इसलिए अगली बार जब आप चिकन बनाएं तो मसालों के साथ प्याज की मात्रा पर भी जरूर ध्यान दें, क्योंकि होटल जैसा स्वाद पाने का सबसे बड़ा राज इसी में छिपा है.b6