तेलुगु सिनेमा जगत के जाने-माने अभिनेता और निर्माता जीवी नारायण राव का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक व्याप्त है। सिनेमा जगत के कई प्रमुख कलाकारों और हस्तियों ने उनके चले जाने पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है। जीवी नारायण राव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। बुधवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है और उनके निधन को तेलुगु फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। बता दें, जीवी नारायण राव चिरंजीवी के बेहद करीबी दोस्त थे।

पांच दशकों का शानदार अभिनय सफर

कृष्णा जिले के कुरुमद्दली गांव में जन्मे जीवी नारायण राव ने मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट से अभिनय का प्रशिक्षण प्राप्त किया था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 1976 में दिग्गज निर्देशक के. बालाचंदर की फिल्म ‘अंथुलेनी कथा’ से की थी। अपनी पहली ही फिल्म में बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का नंदी पुरस्कार मिला था। इसके बाद उन्होंने ‘मुत्याला पल्लाकी’, ‘ओका ऊरी कथा’, ‘चिलकम्मा चेप्पिंदी’ और ‘ऊरुकिच्चिना माटा’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। बाद में उन्होंने चरित्र अभिनेताओं की भूमिकाओं की ओर रुख किया और अपने करीब पांच दशक लंबे करियर में 100 से भी अधिक फिल्मों में काम किया।

चिरंजीवी और रजनीकांत संग गहरा दोस्ताना

जीवी नारायण राव के चेन्नई स्थित फिल्म इंस्टीट्यूट के दिनों से ही सुपरस्टार रजनीकांत के साथ बहुत गहरे और खास संबंध थे। दोनों एक ही बैच के छात्र थे और उन्होंने साथ में ही अभिनय की बारीकियां सीखी थीं। इसके अलावा तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी के साथ भी उनका गहरा रिश्ता रहा। दोनों ने ‘चट्टानिकी कल्लू लेवू’, ‘मंचू पल्लाकी’, ‘राजा विक्रमार्क’, ‘गैंग लीडर’ और ‘हिटलर’ जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में एक साथ स्क्रीन स्पेस साझा किया।

निर्माण के क्षेत्र में भी बनाई पहचान

अभिनय के अलावा जीवी नारायण राव ने एक सफल निर्माता के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने चिरंजीवी की सुपरहिट फिल्मों ‘देवान्तकुडु’ और ‘यमुडिकी मोगुडु’ का निर्माण किया। बाद में उन्होंने ‘यमुडिकी मोगुडु’ का तमिल रीमेक भी बनाया, जिसमें उनके दोस्त रजनीकांत ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्मों के साथ-साथ जीवी नारायण राव टेलीविजन उद्योग में भी काफी सक्रिय रहे। उन्होंने ‘पसुपु कुमकुमा’ और ‘सुंदरकांडा’ जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। जीवन के अंतिम वर्षों तक वह अभिनय और फिल्म उद्योग से लगातार जुड़े रहे।

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