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चित्रकूट के अमानपुर के खुले शालीमार ढाबा की,जहां बनने वाले स्पेशल चिकन डिश के सब दीवाने है. यहां सुबह 11 बजे से ही लोग इसको खाने पहुंचने लगते है. यह चिकन खास मसालों को डालकर तैयार किया था.जो ग्राहकों को काफी पसंद आता है. जिले ही नहीं दूर से आने वाले लोग भी इसको खाना काफी पसंद करते है. हालांकि इस ढाबे में अन्य कई प्रकार के भी चिकन बनते हैं लेकिन सबसे ज्यादा ग्राहक स्पेशल चिकन डिश ही पसंद करते है.
चित्रकूटः चित्रकूट अपने धार्मिक स्थान के साथ-साथ खान-पान के लिए भी फेमस है,यहां आपको एक से बढ़कर एक खाने पीने की जो चीज मिल जाएगी जो अपने आप में स्वादिष्ट होती है. ऐसे में आज हम आप को चित्रकूट के एक ऐसे फूड के बारे में बताने जा रहे है.जिसका नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आने लगता है. और इसको खाने के लिए इस ढाबे में ग्राहकों की भीड़ लगती है.
हम बात कर रहे है चित्रकूट के अमानपुर के खुले शालीमार ढाबा की,जहां बनने वाले स्पेशल चिकन डिश के सब दीवाने है. यहां सुबह 11 बजे से ही लोग इसको खाने पहुंचने लगते है. यह चिकन खास मसालों को डालकर तैयार किया था.जो ग्राहकों को काफी पसंद आता है. जिले ही नहीं दूर से आने वाले लोग भी इसको खाना काफी पसंद करते है. हालांकि इस ढाबे में अन्य कई प्रकार के भी चिकन बनते हैं लेकिन सबसे ज्यादा ग्राहक स्पेशल चिकन डिश ही पसंद करते है.
150 रूपये में मिलता है हाफ
वही स्पेशल चिकन तैयार कर रहे हलवाई छोटा यादव ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि सबसे पहले चिकन को बाजार से लाने के बाद इसकी अच्छी तरह से धुलाई होती है. इसके बाद हम लोग इसको उबालते हैं. फिर तेल को गर्म करके उसमें प्याज टमाटर डालकर उसकी पूजा करते हैं जैसे ही वह हल्का लाल हो जाता है उसके बाद हम इसमें नमक,हल्दी,धनिया,मिर्च,गरम मसाला सहित अपने हाथ से बनाए हुए कुछ मसाले का प्रयोग करते हैं. जिसके बाद यह तैयार हो जाता है. उन्होंने बताया कि यहां आने वाले 60 से 70% लोगों को यह चिकन काफी पसंद आता है. अगर इसके रेट की बात करें तो यह डेढ़ सौ रुपए में हाफ और 300 रूपये में फूल ग्राहकों को दिया जाता है.
वही ढाबे में स्पेशल चिकन खा रहे ग्राहक रवि ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि वह हमेशा इसी ढाबे में चिकन खाना पसंद करते हैं. उनका कहना है कि यहां बनने वाला स्पेशल चिकन खास तरीके से तैयार किया जाता है जिसका स्वाद लाजवाब रहता है इससे पहले मैंने कई जगहों पर ट्राई किया, लेकिन मुझे पसंद नहीं आया इसके बाद मैं हमेशा इसको खाने के लिए शालीमार ढाबा ही आता हूं.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें